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शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती : विश्व में जब तक हिंदू सुरक्षित हैं तब तक ईसाई और मुसलमान भी हैं सेफ

Sun, 17 Nov 2024 06:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 17 Nov 2024 06:32 PM IST
सार

पुरी शंकराचार्य ने यह भी कहा कि सभी धर्मों के पूर्वज सनातनी वैदिक आर्य हिंदू ही हैं। कहा कि विश्व के जिन देशों में हिंदू कम हैं या है ही नहीं, वहां ईसाई और मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं। इनको अपने स्वभाव में परिवर्तन करना चाहिए।

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Shankaracharya Nischalanand Saraswati: As long as Hindus are safe in the world, Christians and Muslims are als
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोवर्धनमठ पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि वक्फ बोर्ड पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की देन है। उसी का लाभ मुस्लिम समुदाय उठाना चाहता है। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि जब तक विश्व में हिंदू सुरक्षित हैं, तभी तक ईसाई और मुसलमान भी सुरक्षित हैं। पुरी शंकराचार्य ने यह बातें रविवार को अपने नई झूंसी स्थित शिवगंगा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।

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पुरी शंकराचार्य यहां आठ दिवसीय प्रवास पर 24 नवंबर तक सत्संग करेंगे। इस दौरान सुबह - शाम संगोष्ठी और दीक्षा का आयोजन किया गया है। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि पड़ोसी देश चीन से मुसलमान खदेड़ दिए गए और उनकी मस्जिदें तोड़ दी गईं, लेकिन पूरे विश्व में कहीं भी शोर-शराबा नहीं हुआ। अगर यही घटना भारत में हुई होती तो लोग सड़कों पर उतर जाते। प्रथम प्रधानमंत्री के शासनकाल से ही भारत को इस ढंग से दिशाहीन किया गया कि हिंदुओं का अस्तित्व और आदर्श ही विलुप्त और विकृत हो जाए।

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सभी धर्मों के पूर्वज हिंदू और आर्य

सत्ता लोलुपता और अदूरदर्शिता के कारण इस प्रकार की समस्याएं पैदा हो रही हैं। शंकराचार्य ने कहा कि अगर मुस्लिम तंत्र में दमखम था तो चीन के विरुद्ध आवाज लगाते। चीन की बात तो छोड़ दीजिए, पूरे विश्व में चीन के विरुद्ध मुस्लिम तंत्र ने आवाज नहीं उठाई। जबकि, उनकी मस्जिदें तोड़ दी गईं। उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया। पहले मुस्लिम तंत्र चीन के विरोध में अपने स्वर को बुलंद करके दिखाए कि उनमें दम है। पुरी शंकराचार्य ने कहा कि मोहम्मद साहब और ईसा मसीह के साथ ही सबके पूर्वज सनातनी वैदिक आर्य हिंदू ही हैं। कहा कि विश्व के जिन देशों में हिंदू कम हैं या है ही नहीं, वहां ईसाई और मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं। इनको अपने स्वभाव में परिवर्तन करना चाहिए।

गुरु गोविंद सिंह की भावना पर किया जा रहा आघात

अपना जीवन सबके लिए कल्याण के लिए प्रयुक्त होना चाहिए। सनातन बोर्ड के गठन के सवाल पर कहा कि इस संबंध में अभी तक मुझसे नहीं पूछा गया है। कहा कि यह प्रक्रिया लड़ने-भिड़ने की है। महाराष्ट्र और यूपी के उप चुनाव को लेकर बटेंगे तो कटेंगे के नारे के सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि राजनेताओं और समाज का अपना स्तर है। यह सार्वभौम सिद्धांत हैं। इसका लाभ तो दूसरे लोग ज्यादा उठाएंगे।

खालिस्तान को लेकर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर ने अटल विहारी वाजपेयी को पत्र लिखकर कहा था कि संभलकर शासन कीजिए। खालिस्तान, मुगलिस्तान, दलितस्तान, ईसाईस्तान और द्रविड़स्तान भारत के पांच विभाग अंदर-अंदर हो चुके हैं। जब जिसकी दाल गल जाएगी, वो भारत को विखंडित किए बिना नहीं रहेंगे। गुरु गोविंद सिंह ने कहा था खालसा पंथ और हिंदू धर्म है।

अब अपने पूर्वज और विशेषकर गुरु गोविंद सिंह की भावना और मान्यता पर ही आघात किया जा रहा है। यह उचित नहीं है। भारत से जो देश टूटकर बने आज कोई खुश नहीं है। कहा कि संविधान की धारा -25 के तहत जैन, बौद्ध और सिख हिंदू परिभाषित किए गए हैं। आरक्षण के मोह में फंसकर जैन, बौद्ध और सिखों ने अपने को अल्पसंख्यक घोषित किया। अगर यह धारा- 25 को मानते तो जनसंख्या की दृष्टि से हम विश्व में दूसरे स्थान पर होते। पहले स्थान पर पहुंचने का मार्ग भी प्रशस्त हो जाता।

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