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शंकराचार्य निश्चलानंद बोले : गाय और गंगा भारत की आत्मा, पर दोनों अस्तित्व के लिए जूझ रहीं

Fri, 23 Jan 2026 07:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 23 Jan 2026 07:23 PM IST
सार

गोवर्धनमठ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के 145वें पट्टाभिषेक तिथि पर वसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को उनका भव्य स्वागत किया गया।

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Shankaracharya Nischalanand said: Cow and Ganga are the soul of India, but both are struggling for existence.
वसंत पंचमी पर संगम में डुबकी लगाने पहुंचे शंकराचार्य निश्चलानंद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोवर्धनमठ पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज के 145वें पट्टाभिषेक तिथि पर वसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को उनका भव्य स्वागत किया गया। माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर चार में त्रिवेणी मार्ग स्थित पुरी शंकराचार्य शिविर में आए शिष्यों ने शंकराचार्य से आशीर्वाद लिया।

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पुरी शंकराचार्य ने कहा कि हिंदू युवाओं को अपने आचार-विचार में धर्म को लाएं। तभी आचरण में भी धर्म आएगा। युवा पीढ़ी सजग एवं जागरूक है। दर्शन, विज्ञान और व्यवहार के बल पर युवाओं को भटकने से बचाना होगा। गाय और गंगा भारत की आत्मा हैं। पुरी शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि राजनेताओं में इच्छाशक्ति की कमी के कारण दोनों अपने अस्तित्व से जूझ रही हैं।

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करोड़ों लोगों की अकाट्य आस्था गंगा-यमुना जैसी पवित्र नदियों से जुड़ी हैं। मानव जीवन की रक्षा के लिए मां गंगा को मौलिक स्वरूप में लौटाना होगा। विकास के नाम पर प्रकृति का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है। महानगरों में मौजूद फैक्ट्रियों के जहरीले जल और शहरों की गंदगियों को नदियों में जाने से रोका जाए। इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

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बताया गया कि 34 वर्ष पहले वसंत पंचमी पर पुरी शंकराचार्य पीठ पर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का शंकराचार्य पद पर पट्टाभिषेक हुआ था। शंकराचार्य के निजी सचिव स्वामी निर्विकल्पानंद सरस्वती, आचार्य विवेक मिश्र वृंदावन, प्रफुल्ल चैतन्य ब्रह्मचारी, हृषिकेश ब्रह्मचारी, राजेश चैतन्य ब्रह्मचारी ने शंकराचार्य को माला पहनाकर पट्टाभिषेक तिथि पर उनका स्वागत-अभिनंदन किया।

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