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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Shankaracharya Avimukteshwaranand said: The world is the idol of Virat Purusha, rivers are its nadis.

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले : विराट पुरुष का विग्रह है विश्व, नदियां हैं इसकी नाड़ियां

Wed, 22 Jan 2025 12:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 22 Jan 2025 12:09 PM IST
सार

परम धर्म संसद में गंगा आदि नदियों पर विचार विषय पर ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सिद्धांत के अनुसार हमारा शरीर ब्रह्मांड का प्रतीक है। यह विश्व विराट पुरुष का ही विग्रह है और नदियां उस विराट पुरुष के शरीर की नाड़ियां हैं।

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Shankaracharya Avimukteshwaranand said: The world is the idol of Virat Purusha, rivers are its nadis.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

परम धर्म संसद में गंगा आदि नदियों पर विचार विषय पर ज्योतिष पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सिद्धांत के अनुसार हमारा शरीर ब्रह्मांड का प्रतीक है। यह विश्व विराट पुरुष का ही विग्रह है और नदियां उस विराट पुरुष के शरीर की नाड़ियां हैं।

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उन्होंने कहा कि जैसे कोई भी शरीर के अंदर की नसों-नाड़ियों के सूख जाने या विकृत हो जाने से विकल हो जाता है। ठीक उसी तरह हमारी नदियों के सूखने या प्रदूषित हो जाने से विश्व का विकल होना स्वाभाविक है। इसलिए विश्व को बचाने के लिए हमें नदियों के जीवन और जल को सुरक्षित रखना होगा।

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उन्होंने कहा कि इसके लिए यथा संभव नदी-नालों को अलग रखना, धारा को अविरल रखना, तटबंध पर विराजे पेड़-पौधों की सुरक्षा करना आवश्यक है। नदी की भूमि, जल-जन्तु और वनस्पतियों आदि का मालिकाना हक नदियों का है।

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कहा कि आवश्यक है कि हम और हमारी सरकारें इस हक को न छीनें। नदियां स्वयं में इतनी समर्थ हैं कि यदि उनकी संपत्ति उन्हीं की रहे तो सरकारों को नदियों के लिए बजट नहीं देना होगा, अपितु नदियां अपना और अपने किनारे पर बसे लोगों का पालन-पोषण स्वयं कर सकेंगी।

सोनम ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की संसद में एक सीट प्रकृति और जीव जन्तुओं के लिए भी होना चाहिए ताकि उनके साथ भी न्याय हो सके और उनकी पीड़ा भी व्यक्त हो। चर्चा में सुभाष मल्होत्रा, मोहन कुमार सिंह, सुनील शुक्ल, कमला भारद्वाज, संजय जैन, नचिकेता खुराना, रवि त्रिवेदी, यतींद्र चतुर्वेदी, सक्षम सिंह, अनुसुइया प्रसाद उनियाल, डेजी रैना, साध्वी वनदेवी आदि ने भाग लिया।

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