Navratri : शक्तिपीठ मां ललिता देवी और मां कल्याणी देवी मंदिरों में मां कूष्मांडा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
कल्याणी देवी मंदिर में आठ भुजाओं वाली मां कूष्मांडा की झांकी में सिंह सवारी दिखाई गई। मां कूष्मांडा अपने सात हाथों में क्रमश: कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा धारण किए रहीं।
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शारदीय नवरात्र की चतुर्थी तिथि पर नौ दुर्गा के चौथे स्वरूप में मां कूष्मांडा की झांकियां हाथों में अष्ट सिद्धि नौ निधियों की जपमाला लिए सजाई गई। अष्टभुजा मां की झांकी के दर्शन के लिए भक्तों का देवी मंदिरों में सुबह से शाम तक तांता लगा रहा। माता की झांकियां बृहस्पतिवार को देवी मंदिरों में सजाई गईं। शारदीय नवरात्रि चतुर्थी को शक्ति पीठ मां कल्याणी देवी और मां ललिता देवी के धामों में ब्रह्मचारिणी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से शाम तक घंटे-घड़ियाल के बीच जयकारे गूंजते रहे। शहर के शक्तिपीठों में मां दुर्गा के चौथे स्वरूप कूष्मांडा की नयनाभिराम झांकियों के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगीं।
कल्याणी देवी मंदिर में आठ भुजाओं वाली मां कूष्मांडा की झांकी में सिंह सवारी दिखाई गई। मां कूष्मांडा अपने सात हाथों में क्रमश: कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा धारण किए रहीं। जबकि, आठवें हाथ में अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों को देने वाली जपमाला लिए मां कूष्मांडा की शोभा देखते बन रही थी। मां कामंडप गुलाब, गेंदा, बेला और चमेली केफूलों से सजाया गया। इस दौरान विश्व शांति और समाज कल्याण केलिए मां के दरबार में आराधना करने की भक्तों में होड़ मची रही। कल्याणी धाम में सुबह से ही नवचंडी के पाठ और दुर्गाशप्तसती के पाठ आरंभ हो गए। मंदिर परिसर में जगह-जगह जप, ध्यान किया जाता रहा।
उधर, मीरापुर स्थित महाशक्तिपीठ मां देवी ललिता देवी धाम में भी मां कूष्मांडा की झांकी सजाई गई। मां के चतुर्थ स्वरूप की झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात तक उमड़ती रही। पुजारी पं. शिव मूरत मिश्र के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंगला आरती के बाद यहां भी भक्तों की कतारें लग गईं। मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की झांकी सजाई गई। रंग-बिरंगे फूलों, आभूषणों से देवी कूष्मांडा स्वरूप में मां का शृंगार किया गया। मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ, शतचंडी पाठ के अलावा कई अनुष्ठान हुए।
भोर से लेकर रात तक देवी दर्शनए पूजन को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा लगातार भक्तों को सहज दर्शन कराने के लिए कमेटी के पदाधिकारियों के साथ व्यवस्था संबाले रहे। इसी तरह अलोपीबाग स्थित शक्तिपीठ अलोपीदेवी धाम में भी श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। मां के झूले के दर्शन के लिए भक्तों में होड़ सी मची रही। महंत यमुनापुरी ने ब्रह्म मुहूर्त में मां की मंगला आरती की। इसी के साथ परिसर में शतचंडी पाठ, यज्ञ और जप आरंभ हो गए। इस दौरान गर्भगृह परिसर और पालकी को फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया। दिन भर मां के जयकारे गूंजते रहे।