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सातवां आरोपी भी हिरासत में, जांच तक ही सिमटी कार्रवाई
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Seventh accused also in custody, action limited to investigation
- फोटो : NAWABGANJ
प्रयागराज। सोरांव के यूसुफपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपी सत्यम को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सोरांव इलाके से ही पकड़े जाने के बाद उससे गहन पूछताछ हुई। हालांकि इसके बावजूद मामले में तीसरे दिन भी पुलिस की कार्रवाई महज जांच तक ही सिमटी रही। हत्या की वजह व हत्यारों के बारे में पुलिस अब भी कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं है।
यूसुफपुर गांव मेें रहने वाले विजयशंकर तिवारी(55) के साथ ही उनके बेटे सोमदत्त्त उर्फ सोनू(32), बहू कामिनी उर्फ सोनी(28) व दो पौत्रों कान्हा(6) और कुंज(3) की चार जनवरी की रात बेरहमी से घर के भीतर सोते वक्त हत्या कर दी गई थी। मामले में नामजद कराए गए सच्चिदानंद, संपूर्णानंद, जीतेंद्र, ग्राम प्रधान प्रदीप सरोज, अंबुज, विकास को दो दिन पहले ही हिरासत में ले लिया था। मंगलवार को सातवें नामजद आरोपी सत्यम को भी हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद उससे भी पूछताछ की गई। हालांकि अन्य आरोपियों की तरह वह भी खुद को बेकसूर बताता रहा। सूत्रों की मानें तो सत्यम ने भी पुलिस को यही बताया है कि घटना वाली रात वह घर पर था। उधर, दो दिन की पूछताछ में पुलिस को हिरासत में लिए गए छह अन्य आरोपियों से भी कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी है। हिरासत में लिए गए आरोपियों ने पूछताछ में जो भी बातें बताईं हैं, उसकी सत्यता जानने के लिए मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने उनके घर व आसपास के लोगों से भी बात की। फिलहाल पुलिस को कोई ऐसा साक्ष्य या जानकारी नहीं मिल सकी है जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। यही वजह है कि तीन दिन का वक्त बीत जाने के बाद भी पुलिस हिरासत में लिए आरोपियों को जेल नहीं भेज सकी है। मामले में एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। खुलासे के लिए लगी टीमें भी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं।
पूछताछ करने फिर गांव पहुंची क्राइम ब्रांच
उधर वारदात में मारे गए लोगों के परिजनों से पूछताछ करने के लिए मंगलवार को क्राइम ब्रांच की एक टीम फिर यूसुफपुर गांव पहुंची। वहां पहुंचकर पुलिस ने मोनू के साथ ही उसके चाचा जटाशंकर और कृपाशंकर से घंटों बातचीत की। परिवार की महिलाओं से भी जानकारी ली। मोनू से पूछा गया कि चकमार्ग व जमीन के अलावा भी क्या कभी किसी बात को लेकर उसके पिता-भाई का किसी से विवाद हुआ। जिस पर उसने अन्य किसी विवाद के बाबत जानकारी से इंकार कर दिया। एक बजे से लेकर क्राइम ब्रांच की टीम दोपहर बाद तक गांव में मौजूद रहकर सुरागरशी में लगी रही। दोपहर बाद एसएसपी भी एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचे और इसके बाद उन्होंने सोरांव थाने पहुंचकर मातहतों संग बातचीत की।
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हाईवे के किनारे स्थित ढाबों पर भी पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच में जुटी पुलिस टीमों ने यूसुफपुर गांव से सटे हाईवे के किनारे स्थित ढाबों पर भी पहुंचकर जांच पड़ताल की। दरअसल एक आशंका यह है कि वारदात के बाद हत्यारों ने भागने के लिए हाईवे का रास्ता चुना हो और भागते वक्त ढाबों पर मौजूद किसी व्यक्ति ने उन्हें देखा हो। कुछ हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिनकी फुटेज भी पुलिस खंगालने में जुटी है।
बंजारों की बस्तियों से कई उठाए गए
उधर इस मामले को लेकर पुलिस बंजारों को भी शक की निगाह से देख रही है। यही वजह है कि तीन दिनों के भीतर पुलिस ने सोरांव के साथ ही थरवई व आसपास के अन्य इलाकों में रहने वाले बंजारों की बस्तियों से कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है। इनमें से कई महिलाएं भी हैं। मंगलवार को भी ऐसे कई बंजारों से सोरांव थाने में पूछताछ की जाती रही।
शराब की बोतल से मिलेगा सुराग?
उधर जानकारों का कहना है कि मृतक के घर के पास पड़ी शराब की बोतल के बारे में जांच पड़ताल हो, तो शायद पुलिस को घटना से जुड़ा कोई अहम सुराग मिल सकता है। दरअसल जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मृतक के घर के पास से ही एक शराब की खाली बोतल मिली थी। हो सकता है कि वारदात से पहले हत्यारों ने ही शराब पी हो और फिर बोतल वहीं फेंक दी हो। ऐसे में आसपास की दुकानों पर पहुंचकर जानकारी जुटाई जाए तो पता चल सकता है कि शराब कहां से खरीदी गई। और इससे हत्यारों का कोई सुराग मिल सके।
आईजी से मिला कांग्रेसियों का प्रतिनिधिमंडल
प्रयागराज। सोरांव के यूसूफपुर में हुए सामूहिक हत्याकांड के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल आईजी जोन केपी सिंह से मिला। इस दौरान कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपकर हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ ही उनको कड़ी सदा दिलाने का आग्रह किया।इस बीच एआईसीसी के सदस्य शेखर बहुगुणा ने यूपी में अपराधियों के हौसले बुलंद होने पर अफसोस जताया। उन्होंने आश्रित परिवार के सदस्यों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। जिला व महानगर कांग्रेस के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने देर शाम आईजी से उनके दफ्तर में मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नफीस अनवर, गंगापार जिलाध्यक्ष रामकिशुन पटेल, सुशील पासी, आब्दी इलाहाबादी, अंशुमान पटेल, मनीष मिश्रा, हसीब अहमद, पूनम सिंह, मनोज पटेल, रघुनाथ द्विवेदी, हरदेव सिंह, शुभम शुक्ला आदि लोग शामिल थे।
सोरांव हत्याकांड की हो सीबीआई जांच
प्रयागराज। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद की बैठक में सोरांव हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की गई। परिषद ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में दिया। मंगलवार को जिला अधिवक्ता संघ कार्यालय में परिषद के विधि विभाग के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए। पदाधिकारियों ने मृतक आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा, सुरक्षा प्रदान करने और परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की मांग की। परिषद सदस्यों ने प्रदेश में लगातार हो रही ब्राह्मणों की हत्या पर भी पुलिस पर सवाल उठाए। इसके बाद परिषद के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन सौंपा। संचालन विधि विभाग के जिला प्रभारी दीपक मिश्रा ने किया। इस मौके पर अधिवक्ता विष्णु पांडेय, हाईकोर्ट बाद एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पांडेय, जयपाल शर्मा, सौरभ मिश्रा, अखिलेश पांडेय, सोनू पाठक, देवेंद्र पांडेय बिरौरा, गणेश शुक्ला, अभिनव उपाध्याय, गोविंद तिवारी, अवनीश मिश्रा, उदयभान मिश्रा, सत्या दुबे, श्रवण पांडेय, देवेंद्र चंद्र द्विवेदी, विजय तिवारी, अभिषेक त्रिपाठी, राजेंद्र मिश्रा, मनीष मिश्रा, सत्यम पांडेय, प्रभाकर भट्ट, विशाल मिश्रा, धीरेंद्र मिश्रा, जयशंकर मिश्रा आदि थे।
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यूसुफपुर गांव मेें रहने वाले विजयशंकर तिवारी(55) के साथ ही उनके बेटे सोमदत्त्त उर्फ सोनू(32), बहू कामिनी उर्फ सोनी(28) व दो पौत्रों कान्हा(6) और कुंज(3) की चार जनवरी की रात बेरहमी से घर के भीतर सोते वक्त हत्या कर दी गई थी। मामले में नामजद कराए गए सच्चिदानंद, संपूर्णानंद, जीतेंद्र, ग्राम प्रधान प्रदीप सरोज, अंबुज, विकास को दो दिन पहले ही हिरासत में ले लिया था। मंगलवार को सातवें नामजद आरोपी सत्यम को भी हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद उससे भी पूछताछ की गई। हालांकि अन्य आरोपियों की तरह वह भी खुद को बेकसूर बताता रहा। सूत्रों की मानें तो सत्यम ने भी पुलिस को यही बताया है कि घटना वाली रात वह घर पर था। उधर, दो दिन की पूछताछ में पुलिस को हिरासत में लिए गए छह अन्य आरोपियों से भी कोई खास जानकारी नहीं मिल सकी है। हिरासत में लिए गए आरोपियों ने पूछताछ में जो भी बातें बताईं हैं, उसकी सत्यता जानने के लिए मंगलवार को पुलिस की एक टीम ने उनके घर व आसपास के लोगों से भी बात की। फिलहाल पुलिस को कोई ऐसा साक्ष्य या जानकारी नहीं मिल सकी है जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। यही वजह है कि तीन दिन का वक्त बीत जाने के बाद भी पुलिस हिरासत में लिए आरोपियों को जेल नहीं भेज सकी है। मामले में एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। खुलासे के लिए लगी टीमें भी अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं।
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पूछताछ करने फिर गांव पहुंची क्राइम ब्रांच
उधर वारदात में मारे गए लोगों के परिजनों से पूछताछ करने के लिए मंगलवार को क्राइम ब्रांच की एक टीम फिर यूसुफपुर गांव पहुंची। वहां पहुंचकर पुलिस ने मोनू के साथ ही उसके चाचा जटाशंकर और कृपाशंकर से घंटों बातचीत की। परिवार की महिलाओं से भी जानकारी ली। मोनू से पूछा गया कि चकमार्ग व जमीन के अलावा भी क्या कभी किसी बात को लेकर उसके पिता-भाई का किसी से विवाद हुआ। जिस पर उसने अन्य किसी विवाद के बाबत जानकारी से इंकार कर दिया। एक बजे से लेकर क्राइम ब्रांच की टीम दोपहर बाद तक गांव में मौजूद रहकर सुरागरशी में लगी रही। दोपहर बाद एसएसपी भी एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचे और इसके बाद उन्होंने सोरांव थाने पहुंचकर मातहतों संग बातचीत की।
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हाईवे के किनारे स्थित ढाबों पर भी पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच में जुटी पुलिस टीमों ने यूसुफपुर गांव से सटे हाईवे के किनारे स्थित ढाबों पर भी पहुंचकर जांच पड़ताल की। दरअसल एक आशंका यह है कि वारदात के बाद हत्यारों ने भागने के लिए हाईवे का रास्ता चुना हो और भागते वक्त ढाबों पर मौजूद किसी व्यक्ति ने उन्हें देखा हो। कुछ हाईवे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जिनकी फुटेज भी पुलिस खंगालने में जुटी है।
बंजारों की बस्तियों से कई उठाए गए
उधर इस मामले को लेकर पुलिस बंजारों को भी शक की निगाह से देख रही है। यही वजह है कि तीन दिनों के भीतर पुलिस ने सोरांव के साथ ही थरवई व आसपास के अन्य इलाकों में रहने वाले बंजारों की बस्तियों से कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया है। इनमें से कई महिलाएं भी हैं। मंगलवार को भी ऐसे कई बंजारों से सोरांव थाने में पूछताछ की जाती रही।
शराब की बोतल से मिलेगा सुराग?
उधर जानकारों का कहना है कि मृतक के घर के पास पड़ी शराब की बोतल के बारे में जांच पड़ताल हो, तो शायद पुलिस को घटना से जुड़ा कोई अहम सुराग मिल सकता है। दरअसल जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को मृतक के घर के पास से ही एक शराब की खाली बोतल मिली थी। हो सकता है कि वारदात से पहले हत्यारों ने ही शराब पी हो और फिर बोतल वहीं फेंक दी हो। ऐसे में आसपास की दुकानों पर पहुंचकर जानकारी जुटाई जाए तो पता चल सकता है कि शराब कहां से खरीदी गई। और इससे हत्यारों का कोई सुराग मिल सके।
आईजी से मिला कांग्रेसियों का प्रतिनिधिमंडल
प्रयागराज। सोरांव के यूसूफपुर में हुए सामूहिक हत्याकांड के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं का प्रतिनिधिमंडल आईजी जोन केपी सिंह से मिला। इस दौरान कांग्रेसियों ने ज्ञापन सौंपकर हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ ही उनको कड़ी सदा दिलाने का आग्रह किया।इस बीच एआईसीसी के सदस्य शेखर बहुगुणा ने यूपी में अपराधियों के हौसले बुलंद होने पर अफसोस जताया। उन्होंने आश्रित परिवार के सदस्यों को 25 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। जिला व महानगर कांग्रेस के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने देर शाम आईजी से उनके दफ्तर में मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष नफीस अनवर, गंगापार जिलाध्यक्ष रामकिशुन पटेल, सुशील पासी, आब्दी इलाहाबादी, अंशुमान पटेल, मनीष मिश्रा, हसीब अहमद, पूनम सिंह, मनोज पटेल, रघुनाथ द्विवेदी, हरदेव सिंह, शुभम शुक्ला आदि लोग शामिल थे।
सोरांव हत्याकांड की हो सीबीआई जांच
प्रयागराज। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद की बैठक में सोरांव हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की गई। परिषद ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में दिया। मंगलवार को जिला अधिवक्ता संघ कार्यालय में परिषद के विधि विभाग के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र कुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। वक्ताओं ने कहा कि सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराई जाए। पदाधिकारियों ने मृतक आश्रितों को 50 लाख रुपये मुआवजा, सुरक्षा प्रदान करने और परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की मांग की। परिषद सदस्यों ने प्रदेश में लगातार हो रही ब्राह्मणों की हत्या पर भी पुलिस पर सवाल उठाए। इसके बाद परिषद के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय में मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन सौंपा। संचालन विधि विभाग के जिला प्रभारी दीपक मिश्रा ने किया। इस मौके पर अधिवक्ता विष्णु पांडेय, हाईकोर्ट बाद एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजेश पांडेय, जयपाल शर्मा, सौरभ मिश्रा, अखिलेश पांडेय, सोनू पाठक, देवेंद्र पांडेय बिरौरा, गणेश शुक्ला, अभिनव उपाध्याय, गोविंद तिवारी, अवनीश मिश्रा, उदयभान मिश्रा, सत्या दुबे, श्रवण पांडेय, देवेंद्र चंद्र द्विवेदी, विजय तिवारी, अभिषेक त्रिपाठी, राजेंद्र मिश्रा, मनीष मिश्रा, सत्यम पांडेय, प्रभाकर भट्ट, विशाल मिश्रा, धीरेंद्र मिश्रा, जयशंकर मिश्रा आदि थे।