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सात घंटे तक लगा चार किमी लंबा जाम, तड़पे राहगीर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:41 AM IST
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इलाहाबाद
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झूंसी पुल से होकर शहर आने और वापस जाने वालों के लिए मंगलवार का दिन बेहद भारी रहा। दारागंज में अलोपीबाग चुंगी से झूंसी तक चार किमी तक लगे जाम में फंसे लोग तड़प कर रह गए। हालात यह रहे कि दोपहर में घर से निकले लोग देर रात तक वापस नहीं पहुंच सके। कई थानों की फोर्स के साथ ही एसएसपी को खुद जाम खत्म करवाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। लेकिन रात 11 बजे तक भी यातायात पूरी तरह बहाल नहीं हो सका था।
सावन मेें दारागंज घाट से गंगाजल लेकर कांवड़िए काशी विश्वानाथ मंदिर वाराणसी जाते हैं। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर हर साल इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर एक माह तक यातायात वनवे कर दिया जाता है। एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित की जाती है। दूसरी लेन से दोनों ओर के वाहनों को गुजारा जाता है। मंगलवार को एकादशी होने के नाते कांवड़ियों का भारी हुजूम जीटी रोड पर उतरा। दोपहर मेें तीनबजे के करीब एक लेन फुल हुई तो कांवड़ियों का जत्था दूसरी लेन में भी घुस गया। उधर राहगीरों की भी भीड़ पुल पर थी ऐसे में दूसरी लेन जाम हो गई। हालात यह रहे कि कुछ ही देर में आमने-सामने से वाहनों की कतार लग गई और फिर देखते ही देखते यह हर बीतते वक्त के साथ लंबी होती गई। देखते ही देखते वाहनों की कतार शहर में अलोपीबाग चुंगी और झूंसी में आवास विकास कॉलोनी मोड़ तक पहुंच गई। इसके बाद तकरीबन सात घंटे तक शास्त्री पुल पर झूंसी से लेकर दारागंज तक वाहन जहां के तहां खड़े रहे। हालत यह हो गई कि दो पहिया वाहनों का भी निकलना मुश्किल हो गया। उमस भरी गर्मी में जाम में फंसने से लोगों में हाहाकार मच गया। कांवड़ियों के कारण जाम की सूचना पर झूंसी और दारागंज थानों की पुलिस फोर्स मौके सड़क पर उतरी। भारी मशक्कत के बाद किसी तरह ग्यारह बजे के बाद धीरे धीरे कर यातायात को सुचारू किया जा सका। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
पांच घंटे में शहर से पहुंचे झूंसी
झूंसी। कांवड़ियों के रेले के कारण शास्त्री पुल से लेकर झूंसी अंदावातक भीषण जाम से लोगों में हाहाकार मचा रहा। जाम में घंटों फंसने के कारण लोग बेहाल हो उठे। हालत यह रही कि लोगों को शहर से झूंसी और यहां से शहर पहुंचने में चार से पांच घंटे लग गए। झूंसी के व्यापारी देवेंद्र सिंह किसी काम से शहर गए थे। शाम तकरीबन पांव से रात नौ बजे तक भीषण जाम में फंसे रहे। बताया कि रात नौ बजे के बाद वह शहर से झूंसी पहुंचे। इनकी तरह ही अधिवक्ता अशोक कुमार, राधेश्याम और सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों को भी जाम का झाम झेलना पड़ा।
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कॉलेज की बस छोड़ पैदल घर पहुंचे छात्र-छात्राएं
झूंसी। शहर और यमुनापार के विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी जाम से जूझना पड़ा। दोपहर तकरीबन दो बजे स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थी बस से झूंसी के लिए चले। पर शास्त्री पुल पर आते ही कॉलेज की बस जहां की तहां घंटों खड़ी रह गई। तकरीबन चार घंटे तक जाम में फंसे छात्र-छात्राएं बेहाल हो उठे तो पैदल ही घर की ओर बढ़ गए। झूंसी स्थित स्कूलों के बच्चे भी शाम छह बजे के बाद अपने शहर स्थित घर पहुंचे। इससे अभिभावकों में खलबली मची रही।
पुलिसकर्मियों ने की छात्राओं की मदद
झूंसी। जाम में फंसे छात्राओं की मदद के लिए शास्त्री पुल पर झूंसी की ओर तैनात पुलिसकर्मियों ने आग बढ़कर मदद की। जाम के कारण शहर के विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं पैदल ही घर के लिए चल दी लेकिन झूंसी पुलिया तक पहुंचने में उन्हें काफी देर लग गई। तभी छात्राओं ने ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों से परिजनों को फोन करने के लिए मोबाइल मांगा। सिपाहियों ने आगे बढ़कर छात्राओं की मदद की।
बालसन चौराहे तक दिखा असर
झूुंसी पुल पर लगे जाम का असर शहर तक देखने को मिला। हालात यह हुए कि जीटी जवाहर चौराहे से शुरू हुई वाहनोें की कतार बालसन चौराहे तक पहुंच गई। इसकी जानकारी हुई तो कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। ट्रैफिक पुलिस पहले से ही जाम खत्म कराने की जद्दोजहद में जुटी रही। हालात काबू में न होते देख एसएसपी नितिन तिवारी भी जाम खत्म कराने के लिए सड़क पर उतर आए।
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सावन मेें दारागंज घाट से गंगाजल लेकर कांवड़िए काशी विश्वानाथ मंदिर वाराणसी जाते हैं। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर हर साल इलाहाबाद-वाराणसी मार्ग पर एक माह तक यातायात वनवे कर दिया जाता है। एक लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित की जाती है। दूसरी लेन से दोनों ओर के वाहनों को गुजारा जाता है। मंगलवार को एकादशी होने के नाते कांवड़ियों का भारी हुजूम जीटी रोड पर उतरा। दोपहर मेें तीनबजे के करीब एक लेन फुल हुई तो कांवड़ियों का जत्था दूसरी लेन में भी घुस गया। उधर राहगीरों की भी भीड़ पुल पर थी ऐसे में दूसरी लेन जाम हो गई। हालात यह रहे कि कुछ ही देर में आमने-सामने से वाहनों की कतार लग गई और फिर देखते ही देखते यह हर बीतते वक्त के साथ लंबी होती गई। देखते ही देखते वाहनों की कतार शहर में अलोपीबाग चुंगी और झूंसी में आवास विकास कॉलोनी मोड़ तक पहुंच गई। इसके बाद तकरीबन सात घंटे तक शास्त्री पुल पर झूंसी से लेकर दारागंज तक वाहन जहां के तहां खड़े रहे। हालत यह हो गई कि दो पहिया वाहनों का भी निकलना मुश्किल हो गया। उमस भरी गर्मी में जाम में फंसने से लोगों में हाहाकार मच गया। कांवड़ियों के कारण जाम की सूचना पर झूंसी और दारागंज थानों की पुलिस फोर्स मौके सड़क पर उतरी। भारी मशक्कत के बाद किसी तरह ग्यारह बजे के बाद धीरे धीरे कर यातायात को सुचारू किया जा सका। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
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पांच घंटे में शहर से पहुंचे झूंसी
झूंसी। कांवड़ियों के रेले के कारण शास्त्री पुल से लेकर झूंसी अंदावातक भीषण जाम से लोगों में हाहाकार मचा रहा। जाम में घंटों फंसने के कारण लोग बेहाल हो उठे। हालत यह रही कि लोगों को शहर से झूंसी और यहां से शहर पहुंचने में चार से पांच घंटे लग गए। झूंसी के व्यापारी देवेंद्र सिंह किसी काम से शहर गए थे। शाम तकरीबन पांव से रात नौ बजे तक भीषण जाम में फंसे रहे। बताया कि रात नौ बजे के बाद वह शहर से झूंसी पहुंचे। इनकी तरह ही अधिवक्ता अशोक कुमार, राधेश्याम और सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों को भी जाम का झाम झेलना पड़ा।
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कॉलेज की बस छोड़ पैदल घर पहुंचे छात्र-छात्राएं
झूंसी। शहर और यमुनापार के विभिन्न स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को भी जाम से जूझना पड़ा। दोपहर तकरीबन दो बजे स्कूल की छुट्टी होने पर विद्यार्थी बस से झूंसी के लिए चले। पर शास्त्री पुल पर आते ही कॉलेज की बस जहां की तहां घंटों खड़ी रह गई। तकरीबन चार घंटे तक जाम में फंसे छात्र-छात्राएं बेहाल हो उठे तो पैदल ही घर की ओर बढ़ गए। झूंसी स्थित स्कूलों के बच्चे भी शाम छह बजे के बाद अपने शहर स्थित घर पहुंचे। इससे अभिभावकों में खलबली मची रही।
पुलिसकर्मियों ने की छात्राओं की मदद
झूंसी। जाम में फंसे छात्राओं की मदद के लिए शास्त्री पुल पर झूंसी की ओर तैनात पुलिसकर्मियों ने आग बढ़कर मदद की। जाम के कारण शहर के विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं पैदल ही घर के लिए चल दी लेकिन झूंसी पुलिया तक पहुंचने में उन्हें काफी देर लग गई। तभी छात्राओं ने ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों से परिजनों को फोन करने के लिए मोबाइल मांगा। सिपाहियों ने आगे बढ़कर छात्राओं की मदद की।
बालसन चौराहे तक दिखा असर
झूुंसी पुल पर लगे जाम का असर शहर तक देखने को मिला। हालात यह हुए कि जीटी जवाहर चौराहे से शुरू हुई वाहनोें की कतार बालसन चौराहे तक पहुंच गई। इसकी जानकारी हुई तो कई थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। ट्रैफिक पुलिस पहले से ही जाम खत्म कराने की जद्दोजहद में जुटी रही। हालात काबू में न होते देख एसएसपी नितिन तिवारी भी जाम खत्म कराने के लिए सड़क पर उतर आए।