फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Set to challenge the inspector 's decision to recruit

दरोगा भर्ती के फैसले को चुनौती देने की तैयारी

Sun, 28 Aug 2016 02:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 28 Aug 2016 02:25 AM IST
विज्ञापन
Set to challenge the inspector 's decision to recruit
sdf
इलाहाबाद। सूबे में 4010 दरोगाओं की भर्ती में कानूनी लड़ाई अभी और लंबी खिंचेगी। पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के एकल न्यायपीठ के फैसले को विशेष अपील में चुनौती देेने की तैयारी है। चयनित हो चुके दरोगाओं का प्रशिक्षण लगभग पूरा हो चुका है, ऐसे में चयन रद्द करने के आदेश से उनको दोबारा उसी चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा जिससे पार होकर वह प्रशिक्षण तक पहुंचे हैं।
विज्ञापन


इससे पूर्व भी दरोगा भर्ती प्रक्रिया हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक चली अदालती लड़ाई के बाद अंतिम मुकाम पर पहुंची थी। अभ्यर्थियों की ओर से कई याचिकाएं दाखिल कर चुके अधिवक्ता सीमांत सिंह कहते हैं कि व्हाइटनर लगाने और क्षैतिज आरक्षण तथा लिखित परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत की अर्हता जैसे मामलों पर हाईकोर्ट में तमाम याचिकाएं दाखिल हुई और इन पर निर्णय होने के बाद अंतिम चयन सूची जारी की गई थी। 
विज्ञापन


लखनऊ खंडपीठ ने 4010 दरोगाओं की अंतिम चयन सूची रद्द कर दी है साथ चयन प्रक्रिया नए सिरे से करने का निर्देश दिया है। फैसला ऐसे समय में आया है जब तमाम अभ्यर्थी चयन के बाद प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। फैसले को अपील में ले जाने का एक विशेष आधार यह भी होगा। इसके अलावा एकल न्यायपीठ ने फैसले में कहा है कि आरक्षण नियमावली 1994 का रूल 3(6) चयन के स्तर पर लागू होगा इसका अर्थ है कि यदि आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में सामान्य के अभ्यर्थी से अधिक अंक पाता है तो वह उसी स्तर पर सामान्य वर्ग में आ जाएगा। अपीलार्थियों दलील यह है कि रूल 3(6) पद के सापेक्ष लागू होगा न की प्रक्रिया में अर्थात अंतिम चयन के समय ही इसका लाभ मिल सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एकल न्यायपीठ ने फैसले में ग्रुप डिक्शन में शामिल होना अपरिहार्य नहीं माना है जबकि अपीलार्थियों की दलील है कि 2008 की नियमावली के अनुसार अभ्यर्थी को चयन के हर स्तर में शामिल होना जरूरी है। रद्द हो चुकी प्रक्रिया में कई ऐसे भी अभ्यर्थी रहे जो लिखित में अधिक अंक होने के कारण ग्रुप डिस्कशन में नहीं हुए। एकल पीठ ने इसे गलत नहीं माना है। इलाहाबाद से अभिषेक कुमार सिंह सहित कई चयनित अभ्यर्थियों ने फैसले को विशेष अपील में चुनौती देने की तैयारी की है।

इन आठ बिंदुओं पर आया अदालत का निर्णय
इलाहाबाद। हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दरोगा भर्ती की अंतिम चयन सूची रद्द करने का निर्णय जिन आठ बिंदुओं पर दिया है उनमें से कई बिंदु काफी अहम् हैं, जबकि कई बिंदु पहले ही अदालतों द्वारा तय हो चुके हैं।
1- क्या याचीगण को चयन में शामिल होने के बाद इसे चुनौती देने का अधिकार है।
उत्तर- याचीगण चयन प्रक्रिया से व्यथित हैं इसलिए चुनौती देने का हक है।
2- लिखित परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य रखा गया। चयन बोर्ड ने 49.5 प्रतिशत अंक पाने वालों को भी राउंडिंग ऑफ के सिद्धांत पर 50 प्रतिशत मानते हुए चयन में शामिल कर लिया।
उत्तर- राउंडिंग ऑफ पॉलिसी लागू नहीं की जा सकती, उड़ीसा पब्लिक सर्विस कमीशन बनाम रूपा श्री चौधरी केस में सुप्रीमकोर्ट ने राउंडिंग ऑफ को गलत करार दिया है।

3- क्षैतिज आरक्षण क्या सामान्य की सीटों पर देना उचित है।
उत्तर- आशीष कुमार पांड्या केस में तय किया जा चुका है कि क्षैतिज आरक्षण अभ्यर्थी को अपनी श्रेणी के अंदर ही मिलेगा।
4- ग्रुप डिस्कशन में लिखित परीक्षा में सफल तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाया जाना क्या उचित था
उत्तर- लिखित परीक्षा का तीन गुना कटेगरी वाइज बुलाया जाना चाहिए था। मगर ऐसा न करके कुल पदों के सापेक्ष बुलाया गया इससे आरक्षित श्रेणी के बहुत से अभ्यर्थी जनरल में चले गए।
5- व्हाइटनर लगाने वाले अभ्यर्थियों को निकालना उचित था।
उत्तर- सुप्रीमकोर्ट द्वारा तय, एक बार अपवाद स्वरूप अवसर दिया गया है।
6- अंक अधिक होने पर क्या आरक्षित वर्ग के लोग सामान्य में जा सकते हैं।
उत्तर- आरके सब्बरवाल केस में सुप्रीमकोर्ट का निर्णय है कि यदि अंक अधिक है तो आरक्षित वर्ग वाले सामान्य में जा सकते हैं।
7- याचीगण क्या वास्तव में व्यथित हैं।
उत्तर- इतनी अनियमितता के कारण याची व्यथित माने जाएंगे क्योंकि अनियमितता न होती तो वह चयनित हो सकते थे।
8- आयु सीमा और शुल्क में छूट लेने के बाद भी क्या आरक्षित वर्ग वाले सामान्य वर्ग में जा सकते हैं।
उत्तर- जितेंद्र कुमार सिंह केस में सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि फीस और आयु में छूट के बाद भी अंक अधिक होने पर सामान्य में जा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed