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उप राष्ट्रपति नायडू ने कहा, चुनाव अपराधों के लिए गठित हों अलग अदालतें

Sun, 14 Oct 2018 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 14 Oct 2018 01:53 AM IST
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Separate courts for election offenses: Naidu
उप राष्ट्रपति

उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि चुनाव संबंधी अपराधों की सुनवाई के लिए अलग अदालतों का गठन होना चाहिए। ऐसे मामलों का निस्तारण एक निश्चित समय के भीतर हो जाना चाहिए। वेंकैया ने उपराष्ट्रपति शनिवार को उच्च न्यायालय में नवनिर्मित एनेक्सी भवन के लोकार्पण अवसर पर इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। 

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उन्होंने कहा कि महाभियोग की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए तथा ऐसे मामलों का शीघ्रता से निस्तारण किया जाए। भारत सरकार जजों के रिक्त पदों को भरने के लिए पूरी तरह से गंभीर है। उच्च न्यायालयों में 351 न्यायाधीशों की नई नियुक्तियां की गई हैं।
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उन्होंने दलबदल विरोधी कानून की चर्चा करते हुए कहा कि अब समय आ गया है, जब इस कानून में बदलाव होना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने न्यायपालिका और विधायिका को एक दूसरे के अधिकारक्षेत्र में अतिक्रमण नहीं करने की नसीहत भी दी।
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उपराष्ट्रपति ने अदालतों में हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग पर जोर देते हुए कहा कि ऐसा करने से आम लोगों का अदालतों में भरोसा बढ़ेगा। उन्होंने त्वरित और सस्ते न्याय के लिए वैकल्पिक न्याय प्रणाली लोक अदालतों, ग्राम न्यायालयों, फास्ट ट्रैक कोर्ट की भूमिका बढ़ाने के लिए कहा, साथ ही न्याय प्रणाली में सूचना तकनीक के अधिकाधिक प्रयोग पर भी बल दिया। वेंकैया ने साइबर अपराध के बढ़ते दायरे से न्यायपालिका के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों पर भी चर्चा की।

इससे पूर्व उप राष्ट्रपति ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नवनिर्मित एनेक्सी भवन का लोकार्पण करते हुए उच्च न्यायालय के गौरवशाली इतिहास की सराहना की। इस मौके पर उन्होंने न्यूज लेटर वैलूम टू एवं न्यायालय से प्रकाशित स्मारिका टू का विमोचन किया।

उपराष्ट्रपति बोले कि दलबदल विरोधी कानून में किया जाए बदलाव।अदालतों में हो हिंदी या क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग और न्याय प्रणाली में हो सूचना तकनीक का अधिकाधिक उपयोग। 


महिलाओं का सम्मान हमेशा करें

शनिवार को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) के 20 वें स्थापना दिवस पर पहुंचे उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू  और सूबे के राज्यपाल राम नाईक ने पुरजोर तरीके से महिला स्वाभिमान और सम्मान को रेखांकित किया। कहा, हमेशा से देश में महिलाओं का सम्मान रहा है और महिलाओं ने भी जीवन और समाज के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ चढ़कर अपनी पैठ बनाई है। महिलाओं के सम्मान की इस परंपरा को हमें बनाए रखना होगा।

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