माजिद हत्याकांड में धारा बदली, गैर इरादतन हत्या की धारा में छह को जेल भेजा
- पुलिस ने कहा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि नहीं, हार्ट अटैक से हुई मौत
- बचे दो आरोपियों की तलाश में दबिश, तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात
विस्तार
मेजा के लतूर मैदनिया गांव में छेड़खानी का विरोध करने पर माजिद की हत्या के मामले में पुलिस ने हत्या की धारा को इरादतन हत्या की धारा में तब्दील कर दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। इसी कारण धाराओं में परिवर्तन करते हुए पकड़े गए छह आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया। दो अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस द्वारा धारा बदले जाने पर ग्रामीणों में भारी रोष है। गांव में तनाव बना हुआ है। पुलिस तैनात है।
लतूर मैदनिया गांव में बेटी से छेड़खानी के विरोध में रविवार सुबह माजिद अली आरोपियों की शिकायत करने उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों के परिवार वालों ने लाठी डंडे से पीटकर उनकी हत्या कर दी। इस मामले में माजिद की पत्नी मुमताज ने माधव निषाद, कल्लू, गोलू, पंकज, संजू देवी, संजय, रघुनाथ की पत्नी और मुंडे की पत्नी के खिलाफ आईपीसी की दफा 147, 323, 302, 354 के तहत एफआईआर दर्ज कराया था।
उधर शाम को माजिद के शव का पोस्टमार्टम हुआ। एसपी यमुनपार सौरभ दीक्षित के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में माजिद की हत्या का कारण हार्ट अटैक बताया गया। इसके अलावा भी चोटों की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद हत्या की धारा हटाते हुए उसे गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम कर लिया गया। इंस्पेक्टर अरूण कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि कल्लू, माधव, गोलू, संजू देवी, रघुनाथ की पत्नी और मुंडे की पत्नी को गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराओं में सोमवार को जेल भेज दिया गया।
बाकी बचे दोनों आरोपियों की तलाश चल रही है। माजिद की हत्या को लेकर दो समुदायों में तनाव की स्थिति बनी हुई है। माजिद के परिवार तथा अन्य लोगों ने हत्या की धारा हटाए जाने को लेकर रोष प्रकट किया है। उनका आरोप है कि पहले माजिद की हत्या कर दी गई फिर एफआईआर में पुलिस खेल कर रही है। गांव में तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। पोस्टमार्टम के बाद माजिद के शव को घर लाया गया और कब्रिस्तान ले जाकर शव को सुपुर्देखाक कर दिया गया। माजिद के घर और परिवार में गम और गुस्से का माहौल है।