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हाईकोर्ट : IPC की धारा 420 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती, कोर्ट ने याचियों की गिरफ्तार पर लगाई रोक

Sun, 23 Jul 2023 01:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 23 Jul 2023 01:05 PM IST
सार

याचियों की ओर से कहा गया कि आईपीसी की धारा 417 के तहत दंडनीय धोखाधड़ी के अपराध और धारा 420 आईपीसी के तहत दंडनीय संपत्ति के स्थानांतरण से संबंधित धोखाधड़ी के अपराध के बीच कोई विशेष अंतर नहीं है। धारा 420 में अधिक सजा का प्रावधान है, जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ है।

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Section 420 of IPC challenged in Allahabad High Court, court bans arrest of petitioners
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति देने के लिए प्रेरित करना) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचियों को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। याचियों की ओर से कहा गया है कि यह मूल अधिकारों का हनन करती है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने नीरज त्यागी व अन्य की याचिका पर विचार करते हुए दिया है।

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याचियों की ओर से कहा गया कि आईपीसी की धारा 417 के तहत दंडनीय धोखाधड़ी के अपराध और धारा 420 आईपीसी के तहत दंडनीय संपत्ति के स्थानांतरण से संबंधित धोखाधड़ी के अपराध के बीच कोई विशेष अंतर नहीं है। धारा 420 में अधिक सजा का प्रावधान है, जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता के खिलाफ है। एक ही अपराध के लिए दो प्रावधानों में दी गई सजा बिल्कुल अलग नहीं हो सकती है।

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याचियों ने ईसीआईआर के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय और येडा की ओर से आईएचएफएल और उसके अधिकारियों के खिलाफ ग्रेटर नोएडा बीटा-टू में 15 अप्रैल 2023 को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी को चुनौती दी। याचियों की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि विवाद दीवानी प्रकृति का है। आपराधिक कार्रवाई करना दुर्भावना से प्रेरित है और प्राथमिकी में लगाए गए आरोप कोई संज्ञेय अपराध नहीं हैं।

कोर्ट की ओर से कहा गया कि याचिका में केवल अंतरिम राहत के लिए प्रार्थना की गई है। प्रथम दृष्टया विवाद दीवानी प्रकृति का है। इसे आपराधिक रंग दिया जा रहा है। कोर्ट ने याचियों के खिलाफ जारी समन सहित सभी कार्रवाई पर अंतरिम राहत देते हुए मामले की सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तिथि तय कर दी।

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