Prayagraj : राजू पाल हत्याकांड के फरार कातिल इसरार की तलाश शुरू, अतीक अहमद के गैंग का है सक्रिय सदस्य
इसरार अहमद माफिया अतीक अहमद के गैंग का सक्रिय सदस्य है। उमेश पाल का अपहरण कर बयान बदलवाने वाले मामले में दर्ज मुकदमे में इसरार भी नामित था। पुलिस मरियाडीह से लेकर नीवा तक उसकी तलाश कर रही है। कई जगह रात में दबिश भी दी गई।
विस्तार
राजू पाल की हत्या में दोषी करार दिए गए इसरार की तलाश प्रयागराज में शुरू हो गई है। कमिश्नरेट पुलिस शनिवार को नीवा से लेकर मरियाडीह तक उसकी तलाश में जुटी रही। कुछ करीबियों से पूछताछ भी की गई है। फिलहाल उसका पता नहीं चल पाया है। इसरार पुत्र हफीजुद्दीन भी नीवा का रहने वाला है और अतीक गैंग का सक्रिय सदस्य है। हत्या, अपहरण, हत्या का प्रयास, बमबाजी के अलावा उस पर दो बार गैंगस्टर भी लग चुका है।
इसरार कई मुकदमों में अतीक गैंग के अन्य सदस्यों के साथ नामजद भी है। उस पर 1995 में पहला मुकदमा शराब तस्करी का दर्ज हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद वह दबंगई करने लगा। 2002 में उस पर बलवा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। यही वक्त था जब वह अतीक से जुड़ गया।
राजू पाल की हत्या में भी शामिल था इसरार
इसके बाद 2002 में ही उसने बम-गोली चलाकर अपहरण, लूट व हत्या के प्रयास की वारदात को अंजाम दिया तो लोग उससे खौफ खाने लगे। उसकी लगातार आपराधिक वारदातों में संलिप्तता को देखते हुए पुलिस ने उस पर गुंडा एक्ट लगाया। 2005 में राजू पाल हत्याकांड में अतीक-अशरफ व गैंग के अन्य सदस्याें के साथ वह भी शामिल हुआ। इसके बाद अतीक के इशारे पर वह कचहरी परिसर में राजूपाल हत्याकांड के चश्मदीद उमेश पाल को अगवा कर जबरन बयान बदलवाने की घटना में भी शामिल हुआ।
शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के दौरान वह कोर्ट में मौजूद नहीं था। ऐसे में उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया गया। इधर प्रयागराज पुलिस भी उसकी तलाश में जुट गई है। पुलिसकर्मी शनिवार को नीवा से लेकर मरियाडीह तक उसके बारे में जानकारी जुटाने में लगे रहे। फिलहाल देर रात तक उसका कोई पता नहीं चल सका था।