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पाचक खत्म के बाद बड़ी संख्या में पहुंचे कांवड़िये
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Sawan, Kanwar Yatra
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। सावन के पहले सोमवार को भोले को जलाभिषेक के लिए दारागंज के दशाश्ममेध घाट पर बड़ी संख्या में कांवड़िये जुटे थे। लेकिन, पाचक की समाप्ति के बाद बुधवार को एक बार फिर दशाश्मवेध घाट पर कांवड़ियों की बड़ी जमात जुटी।
जयकारों के बीच उन्होंने डुबकी लगाई, कांवड़ में जल भरा, गंगापुत्र घाटियों से पूजन कराया और फिर शिवधाम के लिए निकल पड़े। कांवड़ियों की टोलियों का रात तक घाट पर आने का क्रम बना रहा। इस कारण दारागंज में गंगाभवन और आसपाल का इलाका गुलजार रहा।
अबकी कांवड़ियों की टोलियों में महिलाओं की संख्या भी अधिक रही। घुंघरू और बाइकर्स बम के अतिरिक्त डाक बम का अलग जलवा रहा। बिना कहीं रुके, थके डाक बम जयकारे लगाते हुए शिवधामों के लिए रवाना हुए।
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नवविवाहिताएं भी आईं कांवड़ उठाने
कांवड़ उठाने में अबकी महिलाएं सबसे आगे दिख रही हैं। अपनी अलग टोलियों के अतिरिक्त परिवार के साथ भी महिलाएं कांवड़ उठाने आईं। औराई से आई चंद्रकला ने विवाह के बाद कांवड़ उठाने का संकल्प लिया था सो वह अपने परिवार के साथ पहुंचीं। उनके देवर ने बताया कि परिवार के पुरुष, परिवार की महिला कांवड़ियों के कांवड़ की सुरक्षा के लिए संग चलेंगे।
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जयकारों के बीच उन्होंने डुबकी लगाई, कांवड़ में जल भरा, गंगापुत्र घाटियों से पूजन कराया और फिर शिवधाम के लिए निकल पड़े। कांवड़ियों की टोलियों का रात तक घाट पर आने का क्रम बना रहा। इस कारण दारागंज में गंगाभवन और आसपाल का इलाका गुलजार रहा।
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अबकी कांवड़ियों की टोलियों में महिलाओं की संख्या भी अधिक रही। घुंघरू और बाइकर्स बम के अतिरिक्त डाक बम का अलग जलवा रहा। बिना कहीं रुके, थके डाक बम जयकारे लगाते हुए शिवधामों के लिए रवाना हुए।
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नवविवाहिताएं भी आईं कांवड़ उठाने
कांवड़ उठाने में अबकी महिलाएं सबसे आगे दिख रही हैं। अपनी अलग टोलियों के अतिरिक्त परिवार के साथ भी महिलाएं कांवड़ उठाने आईं। औराई से आई चंद्रकला ने विवाह के बाद कांवड़ उठाने का संकल्प लिया था सो वह अपने परिवार के साथ पहुंचीं। उनके देवर ने बताया कि परिवार के पुरुष, परिवार की महिला कांवड़ियों के कांवड़ की सुरक्षा के लिए संग चलेंगे।