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सरेनी के विधायक धीरेंद्र ने किया समर्पण, जमानत मिली
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Sareni MLA Surrendered befor court
सरेनी के विधायक धीरेंद्र ने किया समर्पण, जमानत मंजूर
प्रयागराज। मारपीट सहित चार आपराधिक मुकदमे में रायबरेली स्थित सरेनी के विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने बृहस्पतिवार को स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) में समर्पण कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दो मामलों में जमानत मंजूर कर ली और रिहा कर दिया। अन्य दो मामलों में भी अंतरिम जमानत मंजूर कर रिहा कर दिया गया।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने अभियोजन और बचाव पक्ष को सुनकर दिया है। घटना 29 साल पूर्व 20 अप्रैल 1990 की लखनऊ के हसनगंज थाने की है। वादी मोहम्मद सलीम खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि उसकी वीडियो कैसेट की दुकान के पास एक राहगीर की पिटाई धीरेंद्र बहादुर सिंह और उनके अन्य साथी कर रहे थे। वहां ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों ने रोका तो मारने की धमकी दे कर चले गए। बाद में लौट कर आए और उसके नौकर मनोहर को पीटा और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के मना करने पर सिपाही विद्याराम चौधरी को भी मारपीट कर चोट पहुंचाई थी। कोर्ट ने हसनगंज थाने में दर्ज मारपीट के एक प्रकरण में जमानत और जानलेवा हमले के दो मामले में अंतरिम जमानत मंजूर कर रिहा कर दिया।
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प्रयागराज। मारपीट सहित चार आपराधिक मुकदमे में रायबरेली स्थित सरेनी के विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने बृहस्पतिवार को स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) में समर्पण कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दो मामलों में जमानत मंजूर कर ली और रिहा कर दिया। अन्य दो मामलों में भी अंतरिम जमानत मंजूर कर रिहा कर दिया गया।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने अभियोजन और बचाव पक्ष को सुनकर दिया है। घटना 29 साल पूर्व 20 अप्रैल 1990 की लखनऊ के हसनगंज थाने की है। वादी मोहम्मद सलीम खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि उसकी वीडियो कैसेट की दुकान के पास एक राहगीर की पिटाई धीरेंद्र बहादुर सिंह और उनके अन्य साथी कर रहे थे। वहां ड्यूटी पर तैनात सिपाहियों ने रोका तो मारने की धमकी दे कर चले गए। बाद में लौट कर आए और उसके नौकर मनोहर को पीटा और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों के मना करने पर सिपाही विद्याराम चौधरी को भी मारपीट कर चोट पहुंचाई थी। कोर्ट ने हसनगंज थाने में दर्ज मारपीट के एक प्रकरण में जमानत और जानलेवा हमले के दो मामले में अंतरिम जमानत मंजूर कर रिहा कर दिया।
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