फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   sankashthi ganesh chaturthi

संकष्ठी गणेश चतुर्थी आज, पुत्र कामना से महिलाएं रखेंगी व्रत

Fri, 07 Aug 2020 01:12 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2020 01:12 AM IST
विज्ञापन
sankashthi ganesh chaturthi
sankashthi ganesh chaturthi
संकष्ठी गणेश चतुर्थी आज, पुत्र कामना से महिलाएं रखेंगी व्रत
विज्ञापन

क्रासर
चंद्रोदय रात 9:17 बजे, फूलों -हरी पत्तियों से सजेंगे विघ्नहर्ता गणेश के दरबार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। संतान कामना और संकटों से मुक्ति के लिए शुक्रवार को संकष्ठी गणेश चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। महिलाएं पुत्रों की रक्षा और संकट निवारण की कामना से निराहार व्रत रखकर विघ्नहर्ता भगवान गणेश की सविधि आराधना करेंगी। चंद्रदर्शन के बाद पूजा होगी और इसके बाद अर्घ्य देकर विघ्न-बाधाओं से मुक्ति की प्रार्थना की जाएगी। इस दौरान संगमनगरी के गणेश मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों और हरी पत्तियों से सजाया जाएगा।

शुक्रवार को संकष्टी गणेश चतुर्थी पर पुत्र कामना से उपवास रखा जाएगा। इस बार संकष्ठी गणेश चतुर्थी पर चंद्रोदय रात 9:17 बजे होगा। ऐसे में चंद्रोदय केबाद ही व्रती महिलाएं पूजा आरंभ करेंगी। चौकियों या फिर मिट्टी से बनी वेदियों पर विघ्नहर्ता गणेश की प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना कर सविधि पूजा और गणेश स्तोत्र का पाठ किया जाएगा। घर-घर में गणेश चतुर्थी व्रत की तैयारियां की गई हैं। पुराणों में मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इस व्रत को फलदायी माना गया है। पूर्णिमा के बाद आने वाली भाद्रपद चतुर्थी को यह व्रत रखने की मान्यता रही है। ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार शुक्रवार को चंद्रोदय के बाद गणेश चतुर्थी की पूजा आरंभ होगी। व्रती महिलाएं षोडशोपचार विधि से गणेश पूजन के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देंगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार चतुर्थी के दिन गौरी पुत्र गणेश की पूजा संकट से उबारने के लिए की जाती है। चतुर्थी के दिन सुबह स्नान के बाद नया वस्त्र धारण कर गणपति की पूजा करनी चाहिए। सबसे पहले हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद पूजा स्थल पर विघ्नहर्ता गणेश की प्रतिमा स्थापित कर अखंड दीप जलाकर दिनभर व्रत करना चाहिए। फिर शाम को चंद्रोदय के बाद भगवान गणेश को पुष्प, अक्षत, चंदन, धूप-दीप और शमी के पत्ते अर्पित कर आराधना करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed