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संतों ने कहा, नहाने लायक नहीं गंगाजल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 02 Jan 2018 01:15 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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माघ मेले के ठीक एक दिन पहले संतों ने कमिश्नर से कहा कि गंगाजल ना ही नहाने लायक है और न ही आचमन करने लायक। हालत यह है कि संगमनगरी में ही 64 नाले गंगा में सीधे गिर रहे हैं। हालांकि, सिर्फ 32 नाले ही टैप किए जा सके हैं। कमिश्नर सोमवार को अखिल भारतीय दंडी संन्यासी प्रबंधन समिति के महामंत्री स्वामी ब्रह्माश्रम के जन्मदिन पर दंडीनगर पहुंचे थे। दंडी संन्यासियों ने यहीं उनसे मुलाकात कर नाराजगी जताई।
दंडी संन्यासियों ने कहा कि सरकारें अरबों खर्च चुकी हैं, लेकिन गंगाजल की स्वच्छता में कहीं कोई सुधार नहीं है। संगमनगरी में कुल 64 नाले हैं जो गंगा-यमुना जल को प्रदूषित कर रहे हैं। अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम ने कहा संत महात्मा और श्रद्धालु गंगा की रेती पर आध्यात्मिक उन्नति के लिए आते हैं, लेकिन उनकी आस्था का केंद्रबिंदु मोक्षदायिनी गंगा की हालत बदतर है। नालों का गंदा पानी सीधे गंगाजल में मिल रहा है। स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि माघ मास का पहला स्नान मंगलवार को है और गंगा में स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं है। प्रवक्ता कुशमुनि ने सरकार के प्रयासों को अपर्याप्त बताया। वहीं कमिश्नर ने 32 नाले टैप न होने की बात स्वीकारी। कहा कि 64 नालों में सिर्फ 32 नाले ही टैप हो पाए हैं। इस अवसर पर संरक्षक स्वामी
वहीं गंगाजल गंदा होने की सूचना पर साधु-संतों नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से बार-बार घोषणा के बाद भी पहले ही स्नान पर साफ जल नहीं मिल रहा है। आचार्य कुशमुनि ने गंगाजल मैला होने पर नाराजगी व्यक्त की। भारतीय सांस्कृतिक परिषद के फूलचंद दुबे ने बताया कि प्रशासन की ओर से दावे तो बहुत किए गए परंतु साधु-संतों और कल्पवासियों को स्नान के लिए पहले पर्व पर ही साफ जल नहीं मिल रहा है।
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उधर प्रशासन एवं सिंचाई विभाग का दावा है कि संगम में पर्याप्त मात्रा में गंगाजल है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गंगाजल की कोई कमी नहीं है। जलस्तर 15 सेमी बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण हो सकता है किसी कारण से पानी मटमैला हो गया हो परंतु उसमें गंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मेले में घाटों की व्यवस्था चाक-चौबंद है, कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग की टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। उनकी टीम पूरी रात मेले का भ्रमण कर व्यवस्था देखती रहेगी।
जिला अपराध निरोधक समिति का माघ मेला क्षेत्र लाल सड़क स्थित शिविर की शुरुआत सोमवार को हुई। बतौर मुख्य अतिथि चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने उद्घाटन किया। प्रो. हर्ष कुमार, सीओ परेड आरएस यादव, सीओ संगम अशोक कुमार पांडेय, अखिलेश श्रीवास्तव, सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव, लक्ष्मीकांत आदि ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी, सदस्य आदि उपस्थित थे।
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दंडी संन्यासियों ने कहा कि सरकारें अरबों खर्च चुकी हैं, लेकिन गंगाजल की स्वच्छता में कहीं कोई सुधार नहीं है। संगमनगरी में कुल 64 नाले हैं जो गंगा-यमुना जल को प्रदूषित कर रहे हैं। अध्यक्ष स्वामी विमलदेव आश्रम ने कहा संत महात्मा और श्रद्धालु गंगा की रेती पर आध्यात्मिक उन्नति के लिए आते हैं, लेकिन उनकी आस्था का केंद्रबिंदु मोक्षदायिनी गंगा की हालत बदतर है। नालों का गंदा पानी सीधे गंगाजल में मिल रहा है। स्वामी हरिचैतन्य ब्रह्मचारी ने कहा कि माघ मास का पहला स्नान मंगलवार को है और गंगा में स्वच्छ जल उपलब्ध नहीं है। प्रवक्ता कुशमुनि ने सरकार के प्रयासों को अपर्याप्त बताया। वहीं कमिश्नर ने 32 नाले टैप न होने की बात स्वीकारी। कहा कि 64 नालों में सिर्फ 32 नाले ही टैप हो पाए हैं। इस अवसर पर संरक्षक स्वामी
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वहीं गंगाजल गंदा होने की सूचना पर साधु-संतों नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से बार-बार घोषणा के बाद भी पहले ही स्नान पर साफ जल नहीं मिल रहा है। आचार्य कुशमुनि ने गंगाजल मैला होने पर नाराजगी व्यक्त की। भारतीय सांस्कृतिक परिषद के फूलचंद दुबे ने बताया कि प्रशासन की ओर से दावे तो बहुत किए गए परंतु साधु-संतों और कल्पवासियों को स्नान के लिए पहले पर्व पर ही साफ जल नहीं मिल रहा है।
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उधर प्रशासन एवं सिंचाई विभाग का दावा है कि संगम में पर्याप्त मात्रा में गंगाजल है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गंगाजल की कोई कमी नहीं है। जलस्तर 15 सेमी बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण हो सकता है किसी कारण से पानी मटमैला हो गया हो परंतु उसमें गंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मेले में घाटों की व्यवस्था चाक-चौबंद है, कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग की टीम पूरी तरह से मुस्तैद है। उनकी टीम पूरी रात मेले का भ्रमण कर व्यवस्था देखती रहेगी।
जिला अपराध निरोधक समिति का माघ मेला क्षेत्र लाल सड़क स्थित शिविर की शुरुआत सोमवार को हुई। बतौर मुख्य अतिथि चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह ने उद्घाटन किया। प्रो. हर्ष कुमार, सीओ परेड आरएस यादव, सीओ संगम अशोक कुमार पांडेय, अखिलेश श्रीवास्तव, सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव, लक्ष्मीकांत आदि ने विचार व्यक्त किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारी, सदस्य आदि उपस्थित थे।