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साबरमती जेल : जेल में झाड़ू लगाएगा और भैंस धोएगा माफिया अतीक अहमद, मिलेंगे प्रतिदिन 25 रुपये

Mon, 03 Apr 2023 12:38 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 03 Apr 2023 12:38 AM IST
सार

साबरमती सेंट्रल जेल में बंद माफिया अतीक अहमद झाड़ू लगाने के साथ भैंसें धोएगा। इसके लिए उसे प्रतिदिन 25 रुपये भी मिलेंगे। उसे उमेश पाल अपहरण मामले में सश्रम उम्रकैद की सजा हुई है। अतीक जेल में कैदी नंबर 17052 है।

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Sabarmati Jail: Mafia Atiq Ahmed will sweep and wash buffalo in jail, will get Rs 25 per day
Prayagraj News : अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

साबरमती सेंट्रल जेल में बंद माफिया अतीक अहमद झाड़ू लगाने के साथ भैंसें धोएगा। इसके लिए उसे प्रतिदिन 25 रुपये भी मिलेंगे। उसे उमेश पाल अपहरण मामले में सश्रम उम्रकैद की सजा हुई है। अतीक जेल में कैदी नंबर 17052 है। झाड़ू लगाने और भैंसें धोने के साथ ही उसे बढ़ई का काम भी करना होगा। इसके साथ ही खेती भी करनी होगी और अन्य मवेशियों का भी ध्यान रखना होगा।

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अतीक को कैदियों वाले दो जोड़ी कपड़े दिए गए हहैं। इसमें सफेद कुर्ता, पैजामा, टोपी और गमछा भी शामिल है। अतीक का बैंक खाता भी खोल दिया गया है, जिसमें उसे दिहाड़ी के तौर पर मिलने वाले 25 रुपये जमा कराए जाएंगे। अतीक को जेल में अकुशल कारीगर की श्रेणी में रखा गया है। अगर उसे कुशल कारीगर की श्रेणी में रखा जाता तो 40 रुपये दिहाड़ी मिलती। उसे जेल का खाना भी खाना पड़ रहा है।

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उमेश पाल अपहरण कांड में मिली है उम्रकैद की सजा


प्रयागराज की एमपीएमएलए को कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद को उमेश पाल अपहरण केस में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया था। मंगलवार को उसे एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया था, जहां अतीक अहमद, उसके वकील खान सौलत हनीफ और उसके गुर्गे दिनेश पासी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। साथ ही उसके भाई अशरफ सहित सात लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया था।

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फैसला आने से पहले हो गई थी उमेश पाल की हत्या
 

विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह रहे उमेश पाल की हत्या 24 फरवरी 2023 को कर धूमनगंज के सुलेमसराय में उनके घर के सामने ही कर दी गई थी। वारदात में उमेश पाल के दो अंगरक्षक भी मारे गए थे। 25 जनवरी 2006 को उमेश पाल का अपहरण कर लिया गया था। माफिया अतीक के गुर्गे कनपटी पर पिस्टल सटाकर उन्हें चकिया स्थित दफ्तर में ले गए थे, जहां अतीक और उसके गुर्गों ने उमेश की बेरहमी से पिटाई की थी और हलफनामे पर अपने पक्ष में दस्तखत करा लिया था।

 

साथ ही दूसरे दिन कोर्ट में ले जाकर अपने पक्ष में बयान दर्ज करा लिया था। घटना के करीब एक साल बाद यूपी में सपा की सरकार बदलने और बसपा की सरकार के सत्ता में आने के बाद उसने अतीक, अशरफ समेत 11 लोगों के खिलाफ अपहरण कर बेरहमी से पिटाई करने, जान से मारने का प्रयास करने, बिजली का करंट लगाने आदि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। 

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