RO-ARO Paper Leak : राजीव नयन व सुभाष के बीच दो साल में करोड़ों का लेनदेन, बैंक स्टेटमेंट से खुलासा
मुताबिक, जांच में जुटी एसटीएफ ने राजीव नयन व सुभाष प्रकाश के बैंक खातों का विवरण जुटाया तो अहम खुलासा हुआ। पता चला कि अप्रैल 2022 से मार्च 2024 तक दोनों के बीच करोड़ों रुपयों का लेनदेन हुआ। इसमें ज्यादातर बार रकम सुभाष के खाते से राजीव नयन के खाते में भेजी गई।
विस्तार
आरओ-एआरओ परीक्षा पेपर लीक प्रकरण के मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्र व उसके गिरोह के अन्य साथियों ने पिछले कुछ सालाें में करोड़ों के वारे-न्यारे किए। सिर्फ उसके व सुभाष प्रकाश के बीच दो साल में करोड़ों का लेनदेन हुआ है। इसका खुलासा तब हुआ जब उनके बैंक खातों के स्टेटमेंट देखे गए। फिलहाल इस बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में जुटी एसटीएफ ने राजीव नयन व सुभाष प्रकाश के बैंक खातों का विवरण जुटाया तो अहम खुलासा हुआ। पता चला कि अप्रैल 2022 से मार्च 2024 तक दोनों के बीच करोड़ों रुपयों का लेनदेन हुआ। इसमें ज्यादातर बार रकम सुभाष के खाते से राजीव नयन के खाते में भेजी गई।
माना जा रहा है कि यह प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली से जुटाई गई रकम ही थी। अभ्यर्थियों से पहले सुभाष व गिरोह के अन्य सदस्य पेपर उपलब्ध कराने के नाम पर रकम लेते थे और फिर यही रकम राजीव के खाते में भेजी जाती थी। जेल भेजे जाने से पहले सुभाष प्रकाश से इस लेनदेन के बाबत पूछताछ की गई लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
40 खातों से लेनदेन पर लगवाई रोक
एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि जांच पड़ताल में गिरोह के सदस्यों के 40 खातों के बारे में पता चला है। यह सभी खाते सिपाही भर्ती व आरओ-एआरओ पेपर लीक प्रकरण में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपियों से संबंधित हैं। फिलहाल बैंकों से यह जानकारी मांगी गई है कि संंबंधित खातों में कितनी रकम जमा है। हालांकि एसटीएफ की ओर से बैंकों को पत्र भेजकर इन खातों से लेनदेन पर रोक लगा दी गई है।
भोपाल में खरीदा दो करोड़ का बंगला
राजीव नयन के बारे में एसटीएफ को यह भी जानकारी मिली है कि उसने कुछ दिनों पहले भोपाल के पॉश इलाके में एक बंगला भी खरीदा है। इसकी कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है। फिलहाल इस बंगले में एक केयरटेकर ही रहता है। इस संबंध में आयकर विभाग को भी एक रिपोर्ट भेजी जाएगी। ताकि यह पता लग सके कि बंगला खरीदते समय उसकी आय का स्रोत क्या था।