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बरेलीः खुदकुशी करने वाले किसान के घर पहुंची राजस्व टीम
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मृतक धर्मदास (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
किसान के दोनों बेटों से लिया बयान, खेतों पर पहुंचकर छानबीन की
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मीरगंज। बारिश और ओलावृष्टि से फसल खराब होने पर खुदकुशी करने वाले किसान के घर सोमवार को राजस्व टीम पहुंची। टीम ने किसान के दोनों बेटों के बाद ग्रामीणों का बयान लिया और खेतों पर जाकर फसल की हकीकत देखी। किसान के बेटों ने बताया कि भाई की बीमारी के इलाज में लिए गए कर्ज चुकाने को फसल ही सहारा थी। इसके खराब होने पर वह काफी चिंतित थे।
गांव पहुंचा खुर्द निवासी 65 वर्षीय धर्मदास की पांच बीघा फसल पिछले दिनों बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो गई थी। इससे वह काफी चिंतित थे। परिवार वालों के अनुसार उन्होंने सबसे छोटे बेटे की बीमारी के इलाज के लिए केसीसी से पचास और सूद पर दो लाख रुपये कर्जा लिया था। फसल खराब होने पर रकम देने की चिंता उन्हें सता रही थी। शनिवार दोपहर में उन्होंने जहर खा लिया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार के अंक में अमर उजाला ने खबर प्रमुखता से प्रकाशित की तो तहसीलदार आरके तिवारी, राजस्व निरीक्षक यशवीर सिंह टीम के साथ किसान के घर पहुंचे। उन्होंने धर्मदास के बेटे शिवनंदन और धर्मवीर और ग्रामीणों से बयान लिया। इसके बाद खेतों पर पहुंचकर छानबीन की। राजस्व निरीक्षक राकेश बाबू गुप्ता व लेखपाल राजीव कुमार के मुताबिक धर्मदास के नाम गांव पहुंचा खुर्द में केवल 0.137 हेक्टेयर व गांव दिवना में 0.126 हेक्टेयर जमीन ही है। इसमें से दिवना की जमीन दूर होने के नाते बटाई पर दे रखी है। मृतक के पुत्र शिवनन्दन ने बताया कि दिवना में जो जमीन खरीदी वह कुतबपुर की तीन बीघा जमीन बेचने के बाद खरीदी थी। उनका कहना था कि उनके पिता हर समय कर्जा के चुकाने की बात करते रहते थे। तो उन्हें समझाया जाता था कि धीरे-धीरे सभी का कर्जा निपटा दिया जाएगा।
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गांव पहुंचा खुर्द निवासी 65 वर्षीय धर्मदास की पांच बीघा फसल पिछले दिनों बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो गई थी। इससे वह काफी चिंतित थे। परिवार वालों के अनुसार उन्होंने सबसे छोटे बेटे की बीमारी के इलाज के लिए केसीसी से पचास और सूद पर दो लाख रुपये कर्जा लिया था। फसल खराब होने पर रकम देने की चिंता उन्हें सता रही थी। शनिवार दोपहर में उन्होंने जहर खा लिया। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सोमवार के अंक में अमर उजाला ने खबर प्रमुखता से प्रकाशित की तो तहसीलदार आरके तिवारी, राजस्व निरीक्षक यशवीर सिंह टीम के साथ किसान के घर पहुंचे। उन्होंने धर्मदास के बेटे शिवनंदन और धर्मवीर और ग्रामीणों से बयान लिया। इसके बाद खेतों पर पहुंचकर छानबीन की। राजस्व निरीक्षक राकेश बाबू गुप्ता व लेखपाल राजीव कुमार के मुताबिक धर्मदास के नाम गांव पहुंचा खुर्द में केवल 0.137 हेक्टेयर व गांव दिवना में 0.126 हेक्टेयर जमीन ही है। इसमें से दिवना की जमीन दूर होने के नाते बटाई पर दे रखी है। मृतक के पुत्र शिवनन्दन ने बताया कि दिवना में जो जमीन खरीदी वह कुतबपुर की तीन बीघा जमीन बेचने के बाद खरीदी थी। उनका कहना था कि उनके पिता हर समय कर्जा के चुकाने की बात करते रहते थे। तो उन्हें समझाया जाता था कि धीरे-धीरे सभी का कर्जा निपटा दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री कोष से परिवार को मिलेगा लाभ
तहसीलदार आरके तिवारी ने बताया कि धर्मदास के सवा दो बीघा जमीन में खड़ी गेहूं की फसल केवल 15 फीसदी ही नष्ट हुई है। इसके बावजूद रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। मुख्यमंत्री कोष से परिवार को लाभ दिलाया जाएगा। इसके अलावा पीड़ित परिवार मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन भी कर सकता है। तहसील प्रशासन की ओर से जितना संभव हो सकता है लाभ दिलाया जाएगा।
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