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Prayagraj News: कॉल्विन में एक नर्स पर भारी 12 मरीजों की जिम्मेदारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2024 03:55 AM IST
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Responsibility of 12 patients burdens one nurse in Colvin
मोती लाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय (कॉल्विन) स्टॉफ नर्सों की कमी से जूझ रहा है। जनरल वार्ड में पांच मरीजों की देखभाल के लिए एक नर्स, जबकि आईसीयू में तीन बेड पर एक की तैनाती का मानक है। लेकिन, यहां एक नर्स के भरोसे 12 मरीज हैं। क्योंकि, 206 जनरल बेड के इस अस्पताल में 94 स्टॉफ नर्स के पद हैं, जिसमें से 75 रिक्त पड़े हैं। वहीं, दो नर्स तीन महीने आईसीयू की ट्रेनिंग के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज गई हैं। अब डेंगू के खतरे को देखते हुए पत्र लिखकर पैरामेडिकल के निदेशक से स्टॉफ नर्स की मांग की जा रही है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत यूपी के प्रत्येक जिले से दो अस्पतालों को डिस्ट्रिक्ट हेल्थ स्टेंथनिंग (डीएचएस) योजना में शामिल किया गया है। इसमें एक महिला और एक पुरुष अस्पताल होना चाहिए। मानकों के आधार पर पांच से सात लाख की आबादी पर एक जिला अस्पताल होता है। ऐसे में प्रयागराज बड़ा जिला होने की वजह से यहां पर चार जिला अस्पताल हैं। इसमें कॉल्विन, बेली, डफरिन और टीबी अस्पताल शामिल हैं।
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बेली और डफरिन को एनएचएम की डीएचएस में शामिल कर लिया गया है। इसकी वजह से यहां नर्सों की भर्ती संविदा पर हो रही है। कॉल्विन और टीबी अस्पताल इस योजना में शामिल नहीं हैं। इस वजह से इन दोनों अस्पतालों में भर्ती आयोग के तहत ही की जा रही है।
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कॉल्विन में पांच साल पहले छह स्टॉफ नर्स की भर्ती आयोग से की गई थी, जिसके बाद चार का ट्रांसफर हो गया। अब यहां पर 19 स्टॉफ नर्स ही मरीजों की देखभाल कर रही हैं। इनकी कमी पूरा करने के लिए कॉल्विन में ट्रेनिंग को आने वाली पैरामेडिकल नर्सों की सहायता ली जाती है। लेकिन, आवश्यकतानुसार इनके पास अनुभव न होने की वजह से पूरा भार स्टॉफ नर्सों पर ही आ जाता है। कॉल्विन की ओर से कई बार पैरामेडिकल के निदेशक को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा कॉल्विन अस्पताल को भी डीएचएस में शामिल करने की मांग शासन से की जा रही है।

अस्पताल में स्टॉफ नर्सों की काफी कमी है। इसके लिए पत्र लिखकर पैरामेडिकल के निदेशक से स्टॉफ की मांग की गई है। डेंगू के समय में समस्या और भी बढ़ जाती है।

डॉ.माया देवी, प्रमुख अधीक्षक, कॉल्विन अस्पताल
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