{"_id":"5f5399ff8ebc3e54d557264d","slug":"response-summoned-for-debarring-a-candidate-for-not-getting-a-signature","type":"story","status":"publish","title_hn":"Allahabad High Court News: हस्ताक्षर न मिलने पर अभ्यर्थी को डीबार करने पर जवाब तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Allahabad High Court News: हस्ताक्षर न मिलने पर अभ्यर्थी को डीबार करने पर जवाब तलब
Sun, 06 Sep 2020 03:36 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 06 Sep 2020 03:36 PM IST
विज्ञापन
Railway Group D
- फोटो : सोशल मीडिया
रेलवे ग्रुप डी भर्ती में अभ्यर्थी को सिर्फ हस्ताक्षर का मिलान न होने पर हमेशा के लिए रेलवे भर्ती से डीबार करने पर केंद्रिय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने रेलवे भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा है। कैट ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी देने को कहा है। धीरज कुमार की याचिका पर कैट की न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी और प्रशासनिक सदस्य आनंद माथुर की पीठ ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने 2018 में 1686 ग्रुप् डी के पदों के विज्ञापन के तहत आवेदन किया था। वह चरणों की परीक्षाओं में सफल रहा और अंतिम चयन सूची में उसका नाम शामिल था। उसे दस्तावेजों के सत्यापन हेतु गोरखपुर बुलाया गया। वहां उसका सिग्नेचर लिया गया और कुछ लाइनें लिखवाई गई। उसका हस्ताक्षर और लिखावट परीक्षा के दौरान लिए गए हस्ताक्षरऔर लिखावट से मेल न खाने के कारण रेलवे ने उसे हमेशा के लिए अयोग्य करार देते हुए रेलवे की भर्ती हेतु डीबार बार कर दिया।
अधिवक्ता की दलील थी कि परीक्षा के हर चरण में याची की फोटो खींची गई और अंगूठे का निशान लिया गया। रेलवे ने ना तो फोटो का मिलान किया और न ही अंगूठे का निशान मिलवाया। कहा गया कि हस्ताक्षर और लिखावट में अंतर आ सकता है मगर बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान नहीं बदला जा सकता है। याची के अंगूठे के मिलान से यह साबित हो जाएगा कि उसने परीक्षा दी है। कैट बोर्ड ने 14 अक्तूबर तक इस मामले में जवाब मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि याची ने 2018 में 1686 ग्रुप् डी के पदों के विज्ञापन के तहत आवेदन किया था। वह चरणों की परीक्षाओं में सफल रहा और अंतिम चयन सूची में उसका नाम शामिल था। उसे दस्तावेजों के सत्यापन हेतु गोरखपुर बुलाया गया। वहां उसका सिग्नेचर लिया गया और कुछ लाइनें लिखवाई गई। उसका हस्ताक्षर और लिखावट परीक्षा के दौरान लिए गए हस्ताक्षरऔर लिखावट से मेल न खाने के कारण रेलवे ने उसे हमेशा के लिए अयोग्य करार देते हुए रेलवे की भर्ती हेतु डीबार बार कर दिया।
विज्ञापन
अधिवक्ता की दलील थी कि परीक्षा के हर चरण में याची की फोटो खींची गई और अंगूठे का निशान लिया गया। रेलवे ने ना तो फोटो का मिलान किया और न ही अंगूठे का निशान मिलवाया। कहा गया कि हस्ताक्षर और लिखावट में अंतर आ सकता है मगर बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे का निशान नहीं बदला जा सकता है। याची के अंगूठे के मिलान से यह साबित हो जाएगा कि उसने परीक्षा दी है। कैट बोर्ड ने 14 अक्तूबर तक इस मामले में जवाब मांगा है।
विज्ञापन