फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Relief to businessman and leader Vineet Jaiswal from High Court, BJP MLA Dinanath has filed a case

High Court : व्यवसायी व नेता विनीत जायसवाल को हाईकोर्ट से राहत, विधायक दीनानाथ भाष्कर ने दर्ज कराया है मुकदमा

Fri, 14 Feb 2025 03:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Feb 2025 03:04 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यवसायी व नेता विनीत जायसवाल को बड़ी राहत दी है। एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में दर्ज मुकदमे में ट्रायल कोर्ट भदोही-ज्ञानपुर की ओर से जारी किए गए समन आदेश को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने अपील पर दिया। 

विज्ञापन
Relief to businessman and leader Vineet Jaiswal from High Court, BJP MLA Dinanath has filed a case
औराई विधायक दीनानाथ भाष्कर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने व्यवसायी व नेता विनीत जायसवाल को बड़ी राहत दी है। एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में दर्ज मुकदमे में ट्रायल कोर्ट भदोही-ज्ञानपुर की ओर से जारी किए गए समन आदेश को रद्द कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने अपील पर दिया। भदोही के औराई थाने में 15 नवंबर 2023 को भाजपा विधायक दीनानाथ भाष्कर ने विनीत जायसवाल उर्फ राजू जायसवाल पर एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।

विज्ञापन


विधायक ने आरोप लगाया था विनीत उनके आवास पर आए थे और वह नगर पालिका परिषद भदोही से अध्यक्ष पद के लिए अपनी पत्नी की पैरवी करने की बात कही। मैंने इन्कार करते हुए उन्हें लौटा दिया। इसके बाद विनीत ने मेरे ऊपर कई झूठे आरोप लगाए और मेरी छवि धूमिल की। इस मामले में दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लेकर विशेष न्यायाधीश ने समन आदेश जारी किया। इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।
विज्ञापन


याची के अधिवक्ता रघुवंश मिश्रा व अभिषेक कुमार सरोज ने दलील दी कि समन आदेश जारी करते समय ट्रायल कोर्ट ने विवेक का प्रयोग नहीं किया। यांत्रिक रूप से समन आदेश पारित कर दिया। जबकि पर्याप्त कारण दर्शाते हुए समन आदेश जारी किया जाना चाहिए था। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि समन आदेश जारी करते समय यह दर्शाना चाहिए कि मामले के तथ्यों और कानून पर विचार किया गया है। कोर्ट नेट्रायल कोर्ट के सात फरवरी 2024 के समन आदेश को रद्द करते हुए अपील स्वीकार कर ली।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed