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अगले महीने से मिलेगी जीएसटी रिटर्न में राहत
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प्रयागराज। एक जनवरी 2021 से सालाना पांच करोड़ रुपये तक के टर्न ओवर वाले व्यापारी अपना मासिक रिटर्न जीएसटीआर 3 बी त्रैमासिक जमा कर सकते हैं। हालांकि उनको जीएसटी की राशि का भुगतान हर महीने ही करना होगा। इसके लिए संबंधित कर देयता वाले माह के अगले महीने की 25 तारीख तक यह टैक्स पीएमटी 06 के माध्यम से जमा किया जाएगा। साथ ही जीएसटी की धनराशि चालान से जमा कराकर यह फार्म पूरे विवरण के साथ जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस विकल्प का चयन पिछले तिमाही के दूसरे महीने के पहले दिन से वर्तमान तिमाही के पहले महीने के अंतिम दिन के पूर्व किया जा सकता है। इसमें से किसी भी तिमाही का विकल्प चुना जा सकता है।
दरअसल छोटे कारोबारियों और सेवा प्रदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से जनवरी 2021 से जीएसटी रिटर्न में नई व्यवस्था की जा रही है। कर एवं वित्त सलाहकार डा. पवन जायसवाल बताते हैं कि इस योजना के तहत कारोबारियों को अपना त्रैमासिक जीएसटीआर-वन तिमाही की समाप्ति से अगले माह की 13 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। वहीं जीएसटीआर 3बी त्रैमास की समाप्ति के बाद महीने की 24 तारीख तक जमा करना होगा। ऐसे कारोबारी जिनका कुल कारोबार चालू वित्तीय वर्ष में एक तिमाही के दौरान पांच करोड़ रुपये से अधिक है, वह उसी तिमाही से मासिक आधार पर रिटर्न दाखिल करने का विकल्प पोर्टल पर चुनेंगे। छोटे कारोबारी अपने सप्लाई इंवाइस आईएफएफ योजना के तहत अपलोड कर सकेंगे।
इसमें पंजीकृत कारोबारियों को की गई सप्लाई इंवाइस पोर्टल पर उसी माह हर रोज अपलोड की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित त्रैमास के प्रत्येक दो महीने में अधिकतम 50 लाख सप्लाई की इंवाइस अपलोड की जा सकती है। जब यह इंवाइसअपलोड हो जाएगी तब दोबारा जीएसटीआर-1 अपलोड करने की जरूरत नहीं रहेगी। आईएफएफ का विवरण स्वत: ही जीएसटीआर 2 एमें ऑटो पॉपुलेट हो जाएगा। जो इंवाइस इस योजना में अपलोड नहीं की गई। उनको जीएसटीआर-1 में अपलोड किया जा सकता है।
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दरअसल छोटे कारोबारियों और सेवा प्रदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से जनवरी 2021 से जीएसटी रिटर्न में नई व्यवस्था की जा रही है। कर एवं वित्त सलाहकार डा. पवन जायसवाल बताते हैं कि इस योजना के तहत कारोबारियों को अपना त्रैमासिक जीएसटीआर-वन तिमाही की समाप्ति से अगले माह की 13 तारीख तक पोर्टल पर अपलोड करना होगा। वहीं जीएसटीआर 3बी त्रैमास की समाप्ति के बाद महीने की 24 तारीख तक जमा करना होगा। ऐसे कारोबारी जिनका कुल कारोबार चालू वित्तीय वर्ष में एक तिमाही के दौरान पांच करोड़ रुपये से अधिक है, वह उसी तिमाही से मासिक आधार पर रिटर्न दाखिल करने का विकल्प पोर्टल पर चुनेंगे। छोटे कारोबारी अपने सप्लाई इंवाइस आईएफएफ योजना के तहत अपलोड कर सकेंगे।
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इसमें पंजीकृत कारोबारियों को की गई सप्लाई इंवाइस पोर्टल पर उसी माह हर रोज अपलोड की जा सकती है। इसके अलावा संबंधित त्रैमास के प्रत्येक दो महीने में अधिकतम 50 लाख सप्लाई की इंवाइस अपलोड की जा सकती है। जब यह इंवाइसअपलोड हो जाएगी तब दोबारा जीएसटीआर-1 अपलोड करने की जरूरत नहीं रहेगी। आईएफएफ का विवरण स्वत: ही जीएसटीआर 2 एमें ऑटो पॉपुलेट हो जाएगा। जो इंवाइस इस योजना में अपलोड नहीं की गई। उनको जीएसटीआर-1 में अपलोड किया जा सकता है।
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