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रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव की सेवा समाप्त
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 18 Jun 2018 01:16 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव की सेवा समाप्त कर दी गई है। वह परिवीक्षा अविधि में थे। उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय रविवार को आयोजित इविवि कार्य परिषद की बैठक में लिया गया। हालांकि तीन सदस्यों ने इस निर्णय पर अपना विरोध दर्ज कराया लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।।
पिछले चार अप्रैल को हुई कार्य परिषद की बैठक में रजिस्ट्रार रहे कर्नल हितेश लव के खिलाफ हुई शिकायत की जांच के लिए एक कमेटी बनाए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद चार जून को कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने एक आदेश जारी कर कर्नल हितेश लव से रजिस्ट्रार का काम छीन लिया और परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचएस उपाध्याय को रजिस्ट्रार पद का अतिरिक्त चार्ज दे दिया। 25 मई को कुलपति ने रजिस्ट्रार लव के सात माह के कार्यकाल की जांच के लिए एक समीक्षा कमेटी गठित कर दी। साथ ही 15 दिन में रिपोर्ट मांग ली। काम छीने जाने के मामले में कर्नल हितेश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने आदेश दिया कि कार्य परिषद की बैठक में मामला रखा जाए और निर्णय लिया जाए। रविवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में समीक्षा रिपोर्ट भी रखी गई। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर कर्नल हितेश लव की सेवा समाप्त कर दी गई।
हालांकि इविवि प्रशासन कार्रवाई के पीछे कारण स्पष्ट करने को तैयार नहीं है। विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रो. हर्ष कुमार ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव की सेवा समाप्त किए जाने का निर्णय लिया गया। वह परिवीक्षा अवधि में थे, इसलिए कार्रवाई से पहले किसी तरह का कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया। उधर, सूत्रों का कहना है कि समीक्षा कमेटी ने जांच तो की लेकिन, कर्नल हितेश लव का कोई बयान दर्ज नहीं किया। कर्नल हितेश लव ने कमेटी और उसके सदस्यों को लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
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बैठक के दौरान कार्य परिषद के सदस्य प्रो. खेत्रपाल ने कार्रवाई पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि कर्नल हितेश लव ने तीन दशक तक सेना में रहकर देश की सेवा की है। काफी कवायद के बाद इविवि को एक स्थायी, ईमानदार एवं कार्य के प्रति गंभीर रजिस्ट्रार मिला। ऐसे में उनके खिलाफ अचानक इस तरह की कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। वैसे भी यह कार्रवाई नियम विरुद्ध है। दो अन्य सदस्यों ने भी प्रो. खेत्रपाल की बात का समर्थन किया लेकिन कार्रवाई को रोक नहीं सके।
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पिछले चार अप्रैल को हुई कार्य परिषद की बैठक में रजिस्ट्रार रहे कर्नल हितेश लव के खिलाफ हुई शिकायत की जांच के लिए एक कमेटी बनाए जाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद चार जून को कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने एक आदेश जारी कर कर्नल हितेश लव से रजिस्ट्रार का काम छीन लिया और परीक्षा नियंत्रक प्रो. एचएस उपाध्याय को रजिस्ट्रार पद का अतिरिक्त चार्ज दे दिया। 25 मई को कुलपति ने रजिस्ट्रार लव के सात माह के कार्यकाल की जांच के लिए एक समीक्षा कमेटी गठित कर दी। साथ ही 15 दिन में रिपोर्ट मांग ली। काम छीने जाने के मामले में कर्नल हितेश ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने आदेश दिया कि कार्य परिषद की बैठक में मामला रखा जाए और निर्णय लिया जाए। रविवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में समीक्षा रिपोर्ट भी रखी गई। माना जा रहा है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर कर्नल हितेश लव की सेवा समाप्त कर दी गई।
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हालांकि इविवि प्रशासन कार्रवाई के पीछे कारण स्पष्ट करने को तैयार नहीं है। विश्वविद्यालय के पीआरओ प्रो. हर्ष कुमार ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से रजिस्ट्रार कर्नल हितेश लव की सेवा समाप्त किए जाने का निर्णय लिया गया। वह परिवीक्षा अवधि में थे, इसलिए कार्रवाई से पहले किसी तरह का कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया। उधर, सूत्रों का कहना है कि समीक्षा कमेटी ने जांच तो की लेकिन, कर्नल हितेश लव का कोई बयान दर्ज नहीं किया। कर्नल हितेश लव ने कमेटी और उसके सदस्यों को लेकर आपत्ति भी दर्ज कराई थी।
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बैठक के दौरान कार्य परिषद के सदस्य प्रो. खेत्रपाल ने कार्रवाई पर अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि कर्नल हितेश लव ने तीन दशक तक सेना में रहकर देश की सेवा की है। काफी कवायद के बाद इविवि को एक स्थायी, ईमानदार एवं कार्य के प्रति गंभीर रजिस्ट्रार मिला। ऐसे में उनके खिलाफ अचानक इस तरह की कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। वैसे भी यह कार्रवाई नियम विरुद्ध है। दो अन्य सदस्यों ने भी प्रो. खेत्रपाल की बात का समर्थन किया लेकिन कार्रवाई को रोक नहीं सके।