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Mahakumbh : नदी स्वच्छता का बनाया कीर्तिमान, कायम होंगे तीन और विश्व रिकाॅर्ड

Fri, 14 Feb 2025 09:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 14 Feb 2025 09:05 PM IST
सार

मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर महाकुंभ-2025 में मानव समागम ही नहीं, स्वच्छता का भी अनूठा रिकॉर्ड बना। शुक्रवार को 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।

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Record of river cleanliness made, three more world records to be set
संगम तट पर सफाई का रिकॉर्ड कायम करते सफाई कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर महाकुंभ-2025 में मानव समागम ही नहीं, स्वच्छता का भी अनूठा रिकॉर्ड बना। शुक्रवार को 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मेला प्रशासन ने इस रिकॉर्ड के माध्यम से पूरे विश्व को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया है।

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मेला प्रशासन की ओर से महाकुंभ मेंं चार विश्व रिकॉर्ड की योजना बनाई गई है। शुक्रवार को नदी स्वच्छता के साथ इसकी शुरुआत हुई। इसके तहत रामघाट, भरद्वाज घाट और गंगेश्वर घाट पर कुल 300 से अधिक सफाई कर्मियों ने एक साथ गंगा की सफाई का रिकॉर्ड बनाया। खास बात यह है कि इस दाैरान कर्मचारियों के बार कोड युक्त बैंड बंधे थे, जिसकी मदद से उनकी गिनती की गई।

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इसके अलावा भी कई अन्य प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के ज्यूरी प्रवीण पटेल अपनी पूरी टीम के साथ मौजूद रहे। इसके अलावा मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के प्रोफेसर एनके रावल भी अपनी टीम के साथ बतौर गवाह मौजूद रहे। संस्थान की टीम ने इस तथ्य पर मुहर लगाई कि नदी की सफाई की गई है। एमएनएनआईटी के प्रोफेसर रावल का कहना है कि नदी की सफाई अभियान के संबंध में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम को अवगत कराया गया है।

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गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के ज्यूरी प्रवीण पटेल तथा अन्य सदस्यों का रुख भी सकारात्मक रहा। मेला प्राधिकरण की विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राना ने बताया कि सबसे बड़ी नदी सफाई अभियान के रिकॉर्ड्स की स्थापना का लक्ष्य रखा गया था, जिसे पूरी प्रक्रिया के साथ पूर्ण किया गया। आधे घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान के माध्यम से नदी और घाटों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता का भी प्रसार किया गया। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का कहना है कि नदी स्वच्छता रिकॉर्ड बन गया है। देर रात तक इसकी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।

दो घंटे देर से शुरू हो पाई सफाई अभियान

नदी स्वच्छता के रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया करीब दो घंटे देर से शुरू हो पाई। तीनों घाटों पर सुबह 10 बजे से सफाई होनी थी, लेकिन जाम लगने की वजह से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं एमएनएनआईटी की टीम समय से नहीं पहुंच पाई।

भीड़ के कारण अब आज और कल नहीं बनेंगे रिकॉर्ड

मेला प्रशासन की ओर से शनिवार को 15000 स्वच्छता कर्मियों के माध्यम से सफाई तथा रविवार को 10 हजार लोगों के हैंड प्रिंट लिए जाने का विश्व रिकॉर्ड बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए तैयारी भी कर ली गई, लेकिन शुक्रवार को स्नानार्थियों को रेला उमड़ पड़ा। अब शनिवार एवं रविवार को और भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इसे देखते हुए दोनों विश्व रिकॉर्ड के कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं। बता दें कि मेला प्रशासन की ओर से एक हजार ई-रिक्शा संचालन का भी रिकॉर्ड बनाया जाना है, लेकिन भीड़ को देखते हुए उसे पहले ही स्थगित किया जा चुका है। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद का का कहना है कि तीनों रिकॉर्ड की नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

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