{"_id":"58729d9d4f1c1b7f02ba8672","slug":"ration-card-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"आचार संहिता में फंसा राशन कार्ड का कवर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आचार संहिता में फंसा राशन कार्ड का कवर
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Mon, 09 Jan 2017 01:53 AM IST
विज्ञापन
राशन कार्ड का अपग्रेडेशन
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद राशन कार्डों के कवर पृष्ठ का वितरण फंस गया है। कवर पर सीएम अखिलेश यादव की फोटो लगी है। अगर इनका वितरण होता है तो यह प्रचार की श्रेणी में आ जाएगा और इसे आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे में कोटेदारों से कह दिया गया है कि राशन कार्ड के जितने कवर बचे रह गए हैं, अब उनका वितरण न किया जाए। इसके साथ ही अंत्योदय कार्डधारकों के लिए झोले बंटने के लिए आए थे लेकिन उन पर भी सीएम की तस्वीर थी, सो झोले अब कोटे की दुकानों में डंप पड़े हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में नौ लाख 43 हजार कार्डधारक हैं। इसके अलावा 88 हजार अंत्यादेय कार्डधारक हैं। चुनाव की घोषणा से काफी दिनों पहले ही राशन कार्ड छपकर आए गए थे लेकिन उनका कवर नहीं छपा था, सो कई दिनों तक राशन कार्डों का वितरण रुका रहा। बाद में कवर भी छपकर आ गए। कवर पर सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर है। अफसरों को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी सूरत में 31 दिसंबर तक सभी कार्डों का कवर सहित वितरण करा दिया जाए। सबको मालूम था कि चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लागू हो जाएगी और कवर का वितरण खटाई में पड़ जाएगा।
ऐसा ही हुआ। सूत्रों के मुताबिक चुनाव की घोषणा होने तक 15 से 20 फीसदी तक कवर का वितरण नहीं हो सका था। आचार संहिता लागू होने के बाद कवर का वितरण रोक दिया गया है। सिर्फ राशन कार्ड बांटे जा रहे हैं। इसके साथ ही अंत्योदय कार्ड धारकों को बांटने के लिए तकरीबन 30 हजार झोले भी आए थे। झोले पर भी सीएम की तस्वीर छपी हुई थी। झोले बांटने के लिए कोटेदारों को दिए गए थे लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अब इनका वितरण भी रुक गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में नौ लाख 43 हजार कार्डधारक हैं। इसके अलावा 88 हजार अंत्यादेय कार्डधारक हैं। चुनाव की घोषणा से काफी दिनों पहले ही राशन कार्ड छपकर आए गए थे लेकिन उनका कवर नहीं छपा था, सो कई दिनों तक राशन कार्डों का वितरण रुका रहा। बाद में कवर भी छपकर आ गए। कवर पर सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर है। अफसरों को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी सूरत में 31 दिसंबर तक सभी कार्डों का कवर सहित वितरण करा दिया जाए। सबको मालूम था कि चुनाव की घोषणा होते ही आचार संहिता लागू हो जाएगी और कवर का वितरण खटाई में पड़ जाएगा।
विज्ञापन
ऐसा ही हुआ। सूत्रों के मुताबिक चुनाव की घोषणा होने तक 15 से 20 फीसदी तक कवर का वितरण नहीं हो सका था। आचार संहिता लागू होने के बाद कवर का वितरण रोक दिया गया है। सिर्फ राशन कार्ड बांटे जा रहे हैं। इसके साथ ही अंत्योदय कार्ड धारकों को बांटने के लिए तकरीबन 30 हजार झोले भी आए थे। झोले पर भी सीएम की तस्वीर छपी हुई थी। झोले बांटने के लिए कोटेदारों को दिए गए थे लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अब इनका वितरण भी रुक गया है।
विज्ञापन