एसआरएन में मरीज से दुष्कर्म के आरोप पर बिफरे मेडिकल छात्र, निकाला कैंडल मार्च
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में एक महिला मरीज से दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के विरोध में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला और मामले को बेवजह तूल देने पर चेताया कि यदि डॉक्टरों पर झूठे आरोप लगते रहे तो भविष्य में चिकित्सक कार्य करने में असमर्थ होंगे।
दरअसल विगत दो जून को एक शिकायत सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें एक महिला मरीज के भाई ने अस्पताल में बहन के साथ दुष्कर्म होने का आरोप लगाया था। मामले की जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने पांच सदस्यीय कमेटी बना दी। इस कमेटी में डॉ. वत्सला मिश्रा, डॉ. अजय सक्सेना, डॉ. अरविंद गुप्ता, डॉ. अमृता चौरसिया और डॉ. अर्चना कौल को शामिल किया गया था। कमेटी ने जांच में पाया कि युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप झूठा था।
prayagraj news : एसआरएन के जूनियर डाक्टरों ने रेप के आरोप के खिलाफ मेडिकल कॉलेज तक मौन जुलूस निकाला।
इस मामले को लेकर सोमवार की शाम मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय से मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के गेट तक निकाले गए मार्च में छात्रों ने एसआरएन में भर्ती महिला के साथ रेप की घटना को गलत बताया। कहा कि महिला गंभीर हालत में चिकित्सालय में भर्ती हुई थी। तमाम जांच के बाद वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में उसकी सर्जरी की गई।