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रामलीलाः 75 डेसिबल से तेज नहीं बोलेंगे राम न रावण
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Ramlila: Ram nor Ravan will not say faster than 75 decibels
प्रयागराज। राम और रावण के संवाद हों या रामलीला के किसी और प्रसंग का संवाद हो, कोई भी पात्र 75 डेसिबल से तेज नहीं बोलेगा। दरअसल दधिकांदो मेले और गणेशोत्सव के बाद दशहरा और दुर्गा पूजा उत्सव को लेकर हुई बैठक में प्रशासन की ओर से यही मानक तय किया गया है।
डीजे पर प्रतिबंध के साथ ही ध्वनि विस्तारकों के मानक को लेकर कमेटियों की दुविधा को दूर करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि डीजे का प्रयोग सौ प्रतिशत प्रतिबंधित रहेगा लेकिन हॉर्न का प्रयोग किया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी।
पथरचट्टी रामलीला कमेटी के प्रवक्ता लल्लू लाल गुप्त ‘सौरभ’ ने कहा कि ध्वनि विस्तारक के मामले में कमेटी उच्च न्यायालय के आदेश और मानक का पूरी तरह से पालन करेगी। प्रशासन की ओर से कमेटियों से कहा गया है कि लाउडस्पीकरों की अनुमति के लिए आवेदन में इनकी संख्या लिखना जरूरी है। ध्वनि के लिए लगाए गए हॉर्न को 75 डेसिबल से अधिक तेज नहीं बजाया जाएगा। हां, रामलीलालाओं में आवश्यकतानुसार ध्वनि विस्तारक का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन मानक से अधिक तेज आवाज न हो। बस, इतनी ध्वनि हो कि वह दर्शक तक स्पष्ट सुनाई दे। पथरचट्टी मैदान पर रामलीला कथा रामराज की की शुरुआत 29 सितंबर से होगी।
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प्रयागराज। शहर की रामलीलाओं में अबकी तकनीकी स्तर पर कई नए प्रयोग दिखेंगे। श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से नए तेवर, कलेवर में रामलीला को प्रभावी बनाने के लिए बदलाव किए गए हैं। सुरसा का हनुमान को निगलने और हनुमान का उसके मुख से तुरंत बाहर आने का दृश्य दर्शकों को रोमांचित करेगा।
कुंभकर्ण के प्रसंग में विशालकाय कुंभकर्ण का रणक्षेत्र में भीषण संग्राम फिर राम की ओर से अपने बाणों से उसके हाथ, सिर-पैर के बींधने और धड़ से अलग होने के चमत्कारिक दृश्य दर्शकों को विस्मयकारी लगेंगे। ऐसे पात्रों में ताड़का, सुरसा, हनुमान, सीता हरण, आकाश मार्ग से दौड़ता रथ, स्वयं रावण और सीता सभी फाइबर से बनाए जाएंगे। यांत्रिक पात्रों में गतिशीलता रहेगी।
कमेटी के प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी लल्लूलाल गुप्त ‘सौरभ’ बोले, अबकी सारे यांत्रिक पात्र कागज, लुगदी से नहीं बल्कि फाइबर से बनाए गए हैं, जो अपेक्षाकृत अधिक सजीव और सुंदर दिखेंगे। अयोध्या, मिथिला और लंका के राज दरबारों को भी अनूठा रूप दिया गया है।
वहीं कटरा रामलीला कमेटी के गोपाल बाबू जायसवाल ने जोड़ा कि रामलीला में पहली बार अंगद रावण संवाद को एकदम नए और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। तकरीबन अस्सी हजार रुपये के खर्च से हाइड्रोलिक मशीन को आधार बनाकर अंगद की पूछ लपेटने के प्रसंग को दिखाया जाएगा जो रोचक और सजीव लगेगा।
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डीजे पर प्रतिबंध के साथ ही ध्वनि विस्तारकों के मानक को लेकर कमेटियों की दुविधा को दूर करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि डीजे का प्रयोग सौ प्रतिशत प्रतिबंधित रहेगा लेकिन हॉर्न का प्रयोग किया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ेगी।
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पथरचट्टी रामलीला कमेटी के प्रवक्ता लल्लू लाल गुप्त ‘सौरभ’ ने कहा कि ध्वनि विस्तारक के मामले में कमेटी उच्च न्यायालय के आदेश और मानक का पूरी तरह से पालन करेगी। प्रशासन की ओर से कमेटियों से कहा गया है कि लाउडस्पीकरों की अनुमति के लिए आवेदन में इनकी संख्या लिखना जरूरी है। ध्वनि के लिए लगाए गए हॉर्न को 75 डेसिबल से अधिक तेज नहीं बजाया जाएगा। हां, रामलीलालाओं में आवश्यकतानुसार ध्वनि विस्तारक का प्रयोग किया जा सकता है लेकिन मानक से अधिक तेज आवाज न हो। बस, इतनी ध्वनि हो कि वह दर्शक तक स्पष्ट सुनाई दे। पथरचट्टी मैदान पर रामलीला कथा रामराज की की शुरुआत 29 सितंबर से होगी।
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प्रयागराज। शहर की रामलीलाओं में अबकी तकनीकी स्तर पर कई नए प्रयोग दिखेंगे। श्री पथरचट्टी रामलीला कमेटी की ओर से नए तेवर, कलेवर में रामलीला को प्रभावी बनाने के लिए बदलाव किए गए हैं। सुरसा का हनुमान को निगलने और हनुमान का उसके मुख से तुरंत बाहर आने का दृश्य दर्शकों को रोमांचित करेगा।
कुंभकर्ण के प्रसंग में विशालकाय कुंभकर्ण का रणक्षेत्र में भीषण संग्राम फिर राम की ओर से अपने बाणों से उसके हाथ, सिर-पैर के बींधने और धड़ से अलग होने के चमत्कारिक दृश्य दर्शकों को विस्मयकारी लगेंगे। ऐसे पात्रों में ताड़का, सुरसा, हनुमान, सीता हरण, आकाश मार्ग से दौड़ता रथ, स्वयं रावण और सीता सभी फाइबर से बनाए जाएंगे। यांत्रिक पात्रों में गतिशीलता रहेगी।
कमेटी के प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी लल्लूलाल गुप्त ‘सौरभ’ बोले, अबकी सारे यांत्रिक पात्र कागज, लुगदी से नहीं बल्कि फाइबर से बनाए गए हैं, जो अपेक्षाकृत अधिक सजीव और सुंदर दिखेंगे। अयोध्या, मिथिला और लंका के राज दरबारों को भी अनूठा रूप दिया गया है।
वहीं कटरा रामलीला कमेटी के गोपाल बाबू जायसवाल ने जोड़ा कि रामलीला में पहली बार अंगद रावण संवाद को एकदम नए और रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। तकरीबन अस्सी हजार रुपये के खर्च से हाइड्रोलिक मशीन को आधार बनाकर अंगद की पूछ लपेटने के प्रसंग को दिखाया जाएगा जो रोचक और सजीव लगेगा।