रामदुलारे कोरी हत्याकांड : भरण-पोषण के मुकदमे से नाराज दो बेटों ने की थी पिता की हत्या, दूसरा भी गिरफ्तार
पुलिस ने कर्नलगंज के लल्ला चुंगी चौराहे पर बुजुर्ग रामदुलारे कोरी की हत्या के मामले का खुलासा किया है। बताया कि भरण-पोषण के मुकदमे और न्यायालय से वारंट जारी होने से नाराज दो बेटों अखिलेश (22) और वीरेंद्र (30) ने मिलकर अपने ही पिता की हत्या कर दी थी।
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पुलिस ने कर्नलगंज के लल्ला चुंगी चौराहे पर बुजुर्ग रामदुलारे कोरी की हत्या के मामले का खुलासा किया है। बताया कि भरण-पोषण के मुकदमे और न्यायालय से वारंट जारी होने से नाराज दो बेटों अखिलेश (22) और वीरेंद्र (30) ने मिलकर अपने ही पिता की हत्या कर दी थी। एसओजी नगर और कर्नलगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने दूसरे बेटे वीरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अखिलेश उर्फ शिवा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
13 जून को लल्ला चुंगी चौराहे पर बाइक सवार दो युवकों ने रामदुलारे को गोली मार दी थी। इससे उनकी मौत हो गई थी। मामले में मृतक के पुत्र जितेंद्र कुमार की तहरीर पर छोटे बेटे अखिलेश उर्फ शिवा उर्फ शिब्बू और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच पड़ताल की। इसमें घटना के समय अखिलेश के साथ बाइक पर उसके बड़े भाई वीरेंद्र कुमार के मौजूदगी के साक्ष्य मिले। दोनों की तलाश में पुलिस की टीम को लगाया गया था।
बुधवार मुखबिर की सूचना पर दोनों आरोपियों को अयोध्या हॉस्टल मार्ग स्थित मजार के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त प्वाइंट 315 बोर का तमंचा, एक कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर एफआईआर में आयुध अधिनियम सहित अन्य धाराएं भी बढ़ा दी गई हैं।
पिता ने कराया था वारंट जारी
पुलिस जांच में पता चला कि रामदुलारे ने अपने बेटों के खिलाफ पारिवारिक न्यायालय में भरण-पोषण का वाद दाखिल किया था। आरोप है कि बेटे भरण-पोषण के लिए रुपये नहीं दे रहे थे। इस पर न्यायालय ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इस बात से नाराज होकर अखिलेश और वीरेंद्र ने मिलकर हत्या की साजिश रची। 13 जून की सुबह लल्ला चुंगी चौराहे पर पिता को गोली मार दी। पुलिस की एक टीम मृतक के परिजनों की भूमिका जांच कर रही है।
कौशाम्बी व फतेहपुर में छिपने का बनाया था ठिकाना
पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात के बाद बाइक से तेलियरगंज की ओर भाग गए। इसके बाद वहां से कौशाम्बी रवाना हो गए। यहां पर एक परिचित के घर रुके। इसके बाद फतेहपुर में छिपने का ठिकाना खोज लिया। इसी बीच पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगा रखा था। कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।