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रकहमतों और बरकतों का पाक महीना रमजान आज से आरंभ
Sat, 25 Apr 2020 12:39 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 25 Apr 2020 12:39 AM IST
सार
मस्जिदों में बा- जमात प्रवेश करने की अनुमति नहीं, घरों पर होगी तरावीह
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lockdown in prayagraj
- फोटो : prayagraj
विस्तार
प्रयागराज। चांद की तस्दीक शुक्रवार की शाम हो गई। चांद केदीदार के साथ ही रहमतों और बरकतों का पाक महीना रमजान शनिवार से आरंभ हो जाएगा। लॉकडाउन की वजह से जामा मस्जिद समेत जिले की सभी मस्जिदों में बा-जमात तराबीह, नमाज, इफ्तार और इबादत के लिए प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। मौलानाओं ने संक्रमण और सरकार के निर्देशों के देखते हुए घरों पर ही परिवार के सदस्यों के साथ मुबारक माह में गुनाहों की माफी के लिए इबादत और इफ्तार करने की अपील की है। इस दौरान मुसलमान महीने भर रोजा रखकर नेकी और अमन-चैन के लिए खूब इबादत करेंगे।
तस्दीक के बाद मरकजी मजलिस-ए-रुयते हेलाल कमेटी के सचिव डॉ अहमद मकीन ने देर शाम चांद देखे जाने की पुष्टि की। इसी के साथ ही रमजानुल मुबारक की फोन पर एक-दूसरे को बधाइयां दी जाने लगीं। रुयते हेलाल कमेटी कदीम ने भी चांद की तस्दीक कर दी है। चांद के दीदार के साथ ही शनिवार से रोजा रखकर महीने भर अल्लाह की इबादत होगी। इस बार लॉकडाउन की वजह से रमजान में रोजेदार इबादत और इफ्तार दोनों घर पर ही करेंगे। तराबीह की नमाज बाजमात मस्जिदों में ही करने की मान्यता रही है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा।
तरावीह भी घर पर ही अदा करने की अपील की गई है। मौलानाओं के फरमान की जानकारी शुक्रवार को घर-घर दी गई। बताया गया कि मुसलमान अपने रब को राजी करने के लिए पूरे रमजान खूब इबादत करें और लाइलाज बीमारी कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए दुआ करें। मौलानाओं की अपील पर करेली, रोशनबाग, नुरुल्लाह रोड, अटाला, रसूलपुर, बहादुरगंज, अकबरपुर, निहालपुर, शाहगंज, कीडगंज, मुट्ठीगंज, चौक, रानीमंडी, दरियाबाद समेत तमाम इलाकों की गलियों में भी लोग जमात में निकलते नहीं देखे गए। घरों में इबादत का सिलसिला शुरू हो गया।
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प्रशासन की ओर से जितने लोगों को मस्जिद में प्रवेश की इजाजत हो, उतने लोग ही करें। एक व्यक्ति भी मस्जिद में तरावीह अदा कर लेता है तो सभी जिम्मे से बरी हो जाते हैं। इस दौरान मस्जिद या कहीं भी इकट्ठा न हों और घरों में ही इबादत करें। शफीक अहमद शरीफी, शहर-ए-मुफ्ती
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तस्दीक के बाद मरकजी मजलिस-ए-रुयते हेलाल कमेटी के सचिव डॉ अहमद मकीन ने देर शाम चांद देखे जाने की पुष्टि की। इसी के साथ ही रमजानुल मुबारक की फोन पर एक-दूसरे को बधाइयां दी जाने लगीं। रुयते हेलाल कमेटी कदीम ने भी चांद की तस्दीक कर दी है। चांद के दीदार के साथ ही शनिवार से रोजा रखकर महीने भर अल्लाह की इबादत होगी। इस बार लॉकडाउन की वजह से रमजान में रोजेदार इबादत और इफ्तार दोनों घर पर ही करेंगे। तराबीह की नमाज बाजमात मस्जिदों में ही करने की मान्यता रही है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सकेगा।
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तरावीह भी घर पर ही अदा करने की अपील की गई है। मौलानाओं के फरमान की जानकारी शुक्रवार को घर-घर दी गई। बताया गया कि मुसलमान अपने रब को राजी करने के लिए पूरे रमजान खूब इबादत करें और लाइलाज बीमारी कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए दुआ करें। मौलानाओं की अपील पर करेली, रोशनबाग, नुरुल्लाह रोड, अटाला, रसूलपुर, बहादुरगंज, अकबरपुर, निहालपुर, शाहगंज, कीडगंज, मुट्ठीगंज, चौक, रानीमंडी, दरियाबाद समेत तमाम इलाकों की गलियों में भी लोग जमात में निकलते नहीं देखे गए। घरों में इबादत का सिलसिला शुरू हो गया।
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प्रशासन की ओर से जितने लोगों को मस्जिद में प्रवेश की इजाजत हो, उतने लोग ही करें। एक व्यक्ति भी मस्जिद में तरावीह अदा कर लेता है तो सभी जिम्मे से बरी हो जाते हैं। इस दौरान मस्जिद या कहीं भी इकट्ठा न हों और घरों में ही इबादत करें। शफीक अहमद शरीफी, शहर-ए-मुफ्ती
मस्जिदों में बा- जमात प्रवेश करने की अनुमति नहीं, घरों पर होगी तरावीह