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मंदिर निर्माण के लिए हर हिंदू से लिया जाएगा चंदा
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मंदिर निर्माण के लिए हर
हिंदू से लिया जाएगा चंदा
0 सरकार ने 22 बिंदुओं पर मंदिर निर्माण की मांगी है न्यास से जानकारी
0 अब तक खर्च हो चुके हैं 30 करोड़ रुपये, खाते में एक करोड़ की रकम
प्रयागराज। अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक हिंदू की सहभागिता हो, इसके लिए विहिप राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपनाए गए तरीके का प्रयोग करेगी। विहिप ने उस समय घर-घर जाकर हिंदुओं से सवा-सवा रुपये चंदे के रूप में लिए थे। इसी तर्ज पर विहिप राम मंदिर निर्माण के लिए सभी हिंदुओं से चंदा लेगी। चंदे की राशि 11 रुपये होगी या 21, इसका निर्णय विहिप जल्द ही लेगी। माघ मेला में आयोजित विहिप के संत सम्मेलन में केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश ने कहा कि मंदिर का निर्माण सभी हिंदुओं की भागीदारी से हो, इसी वजह से चंदा लिया जाएगा।
मंदिर निर्माण को लेकर संतों की तमाम जिज्ञासाओं को लेकर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट नौ फरवरी 2020 तक बनाने को कहा है। मंदिर निर्माण के लिए अभी चार संस्थाओं ने केंद्र सरकार को आवेदन भेजे हैं। इसमें रामायण ट्रस्ट, इस्कॉन मंदिर, किशोर कुनाल और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के नाम अभी सामने आए हैं। न्यास की ओर से आवेदन करने के बाद भारत सरकार का जवाब भी आया। सरकार के इस पत्र में 22 बिंदुओं का उल्लेख है। पत्र के माध्यम से पूछा गया है कि वहां कितने पत्थर तराशे गए? पत्थर तराशने का काम कितना बाकी है? क्या श्रीराम जन्म भूमि न्यास का खाता है? अगर है तो पिछले तीन साल में खाते हुए लेनदेन का ब्योरा दिया जाए। खाते में कितना पैसा है ?
उन्होंने बताया कि इन सभी प्रश्नों का जवाब न्यास की ओर से दिया गया है। न्यास ने सरकार को बताया है कि उसके खाते में एक करोड़ से कुछ ज्यादा रकम है। अब तक 30 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है। प्रबंध समिति सदस्य ने संतों से कहा कि सरकार ने पत्र के उत्तर में भौतिक सत्यापन कराने की बात कही है। उन्होंने कहा सरकार को सत्यापन करना है तो कर लें। न्यास ने कभी भी कुछ नहीं छिपाया। कहा कि सरकार से आग्रह किया गया है कि संतों की भावना को देखते हुए ही ट्रस्ट का गठन किया जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने सभी संतों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद, हरिहरानंद, योगीराज दिव्यानंद, श्याम दास, विश्वेश प्रपन्नाचार्य, विहिप केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, विनायक राव देशपांडे, पंकज, संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश सिंह, मुकेश कुमार, अभिषेक पाठक, गौरव जायसवाल, अश्वनी मिश्र आदि मौजूद रहे।
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देश में सबसे बड़ा होगा राम मंदिर का गर्भगृह
विहिप के संत सम्मेलन में संतों को बताया गया कि अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का गर्भगृह देश का सबसे बड़ा गर्भ गृह होगा। राम मंदिर में 20*20 फीट का गर्भ गृह रहेगा। इतना बड़ा गर्भ गृह देश के किसी भी मंदिर का नहीं है। गुजरात के सोमनाथ मंदिर का भी गर्भ गृह 15*15 फीट का है। मंदिर के मंडप की क्षमता एक हजार श्रृद्धालुओं की रहेगी। प्रवेश मंडप की भी क्षमता 1200 श्रद्धालुओं की रहेगी। इसके अंदर का परिक्रमा मार्ग 15 फीट चौड़ा रहेगा। शिखर 161 फीट का है। बाहर का परिक्रमा मार्ग 50 फीट से कम का नहीं रहेगा।
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हिंदू से लिया जाएगा चंदा
0 सरकार ने 22 बिंदुओं पर मंदिर निर्माण की मांगी है न्यास से जानकारी
0 अब तक खर्च हो चुके हैं 30 करोड़ रुपये, खाते में एक करोड़ की रकम
प्रयागराज। अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रत्येक हिंदू की सहभागिता हो, इसके लिए विहिप राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपनाए गए तरीके का प्रयोग करेगी। विहिप ने उस समय घर-घर जाकर हिंदुओं से सवा-सवा रुपये चंदे के रूप में लिए थे। इसी तर्ज पर विहिप राम मंदिर निर्माण के लिए सभी हिंदुओं से चंदा लेगी। चंदे की राशि 11 रुपये होगी या 21, इसका निर्णय विहिप जल्द ही लेगी। माघ मेला में आयोजित विहिप के संत सम्मेलन में केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश ने कहा कि मंदिर का निर्माण सभी हिंदुओं की भागीदारी से हो, इसी वजह से चंदा लिया जाएगा।
मंदिर निर्माण को लेकर संतों की तमाम जिज्ञासाओं को लेकर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट नौ फरवरी 2020 तक बनाने को कहा है। मंदिर निर्माण के लिए अभी चार संस्थाओं ने केंद्र सरकार को आवेदन भेजे हैं। इसमें रामायण ट्रस्ट, इस्कॉन मंदिर, किशोर कुनाल और श्रीराम जन्मभूमि न्यास के नाम अभी सामने आए हैं। न्यास की ओर से आवेदन करने के बाद भारत सरकार का जवाब भी आया। सरकार के इस पत्र में 22 बिंदुओं का उल्लेख है। पत्र के माध्यम से पूछा गया है कि वहां कितने पत्थर तराशे गए? पत्थर तराशने का काम कितना बाकी है? क्या श्रीराम जन्म भूमि न्यास का खाता है? अगर है तो पिछले तीन साल में खाते हुए लेनदेन का ब्योरा दिया जाए। खाते में कितना पैसा है ?
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उन्होंने बताया कि इन सभी प्रश्नों का जवाब न्यास की ओर से दिया गया है। न्यास ने सरकार को बताया है कि उसके खाते में एक करोड़ से कुछ ज्यादा रकम है। अब तक 30 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है। प्रबंध समिति सदस्य ने संतों से कहा कि सरकार ने पत्र के उत्तर में भौतिक सत्यापन कराने की बात कही है। उन्होंने कहा सरकार को सत्यापन करना है तो कर लें। न्यास ने कभी भी कुछ नहीं छिपाया। कहा कि सरकार से आग्रह किया गया है कि संतों की भावना को देखते हुए ही ट्रस्ट का गठन किया जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने सभी संतों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद, हरिहरानंद, योगीराज दिव्यानंद, श्याम दास, विश्वेश प्रपन्नाचार्य, विहिप केंद्रीय महामंत्री मिलिंद परांडे, विनायक राव देशपांडे, पंकज, संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी, क्षेत्र संगठन मंत्री अंबरीश सिंह, मुकेश कुमार, अभिषेक पाठक, गौरव जायसवाल, अश्वनी मिश्र आदि मौजूद रहे।
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देश में सबसे बड़ा होगा राम मंदिर का गर्भगृह
विहिप के संत सम्मेलन में संतों को बताया गया कि अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर का गर्भगृह देश का सबसे बड़ा गर्भ गृह होगा। राम मंदिर में 20*20 फीट का गर्भ गृह रहेगा। इतना बड़ा गर्भ गृह देश के किसी भी मंदिर का नहीं है। गुजरात के सोमनाथ मंदिर का भी गर्भ गृह 15*15 फीट का है। मंदिर के मंडप की क्षमता एक हजार श्रृद्धालुओं की रहेगी। प्रवेश मंडप की भी क्षमता 1200 श्रद्धालुओं की रहेगी। इसके अंदर का परिक्रमा मार्ग 15 फीट चौड़ा रहेगा। शिखर 161 फीट का है। बाहर का परिक्रमा मार्ग 50 फीट से कम का नहीं रहेगा।