Prayagraj: रामजानकी मंदिर के पुजारी हत्याकांड का खुलासा, चोरों ने पकड़े जाने के डर से की थी हत्या, छह गिरफ्तार
नवाबगंज के आनापुर में करीब तीन महीने पहले रामजानकी मंदिर के पुजारी मणींद्रमणि त्रिपाठी की हत्या छह चोरों ने की थी। यह सभी घटना वाली रात मंदिर के बगल स्थित फैब्रिकेशन की दुकान पर पहुंचे थे।
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नवाबगंज के आनापुर में करीब तीन महीने पहले रामजानकी मंदिर के पुजारी मणींद्रमणि त्रिपाठी की हत्या छह चोरों ने की थी। यह सभी घटना वाली रात मंदिर के बगल स्थित फैब्रिकेशन की दुकान पर पहुंचे थे। इसी दौरान बारिश होने पर मंदिर में पहुंच गए। पुजारी के टोकने पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने सभी बदमाशों को गिरफ्तार करते हुए मामले का खुलासा कर दिया।
रविवार को पुलिस ने आरोपियों को जेल भी भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। इन्हें भाेर में नवाबगंज स्थित बनईया का पुरा सेरांवा नहर पुलिया के पास से पकड़ा गया। इनमें आशीष उर्फ वीरा, सूरज उर्फ बोरे व राम कुमार पटेल निवासी सूबेदार का पूरा और कमलेश सरोज, शिवम उर्फ दुदहा, अजय यादव निवासी मलाक बलऊ शामिल हैं। इनके कब्जे से चोरी की दो मोटरसाइकिल भी बरामद हुईं।
पहले पीटा, फिर गमछे से कस दिया था गला
डीसीपी गंगानगर अभिषेक भारती ने बताया कि आरोपियों का सरगना आशीष उर्फ वीरू है। घटना की जांच पड़ताल के क्रम में सामने आए तथ्यों के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने पूरी घटना बयां कर दी। बताया कि उसने अपने साथियों संग मिलकर मंदिर के बगल स्थित दुकान में चोरी की योजना बनाई थी और तय वक्त पर सभी पहुंच भी गए थे।
उसी समय बरसात शुरू हो गई जिस पर वह भागकर मंदिर में चले गए। पुजारी गर्भगृह के पास ही तख्त पर सो रहा था जो आहट मिलते ही जाग गया। उसने उन्हें मंदिर से जाने को कहा। बात न मानने पर शोर मचाने लगा जिस पर सभी ने उसे पीटना शुरू कर दिया। उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और गमछे से गला कस दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले दूसरे गमछे से उसके हाथ-पैर भी बांध दिए थे। घटना का अनावरण एसीपी सोरांव पंकज लावण्या के नेतृत्व में नवाबगंज पुलिस ने किया।