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प्रयागराज : पुणे की कंपनी में फाइनेंस का काम करता था राकेश, क्राइम ब्रांच ने भी शुरू की जांच
Fri, 06 Nov 2026 01:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 06 Nov 2026 01:09 PM IST
सार
नवाबगंज के बरईपुर रामनगर में तीन नीले ड्रमों में छिपाकर रखे गए 3.20 करोड़ रुपये के मामले की जांच अब पुणे तक पहुंच गई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी राकेश यादव उर्फ महाकाल ने बताया है कि वह पुणे की मार्शल नाम की फाइनेंस कंपनी में फाइनेंसर के तौर पर काम करता था।
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प्रयागराज में ड्रम में मिले नोट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
नवाबगंज के बरईपुर रामनगर में तीन नीले ड्रमों में छिपाकर रखे गए 3.20 करोड़ रुपये के मामले की जांच अब पुणे तक पहुंच गई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी राकेश यादव उर्फ महाकाल ने बताया है कि वह पुणे की मार्शल नाम की फाइनेंस कंपनी में फाइनेंसर के तौर पर काम करता था।
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मामले में अब पुणे की क्राइम ब्रांच की टीम भी अब पड़ताल करेगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मार्शल फाइनेंस कंपनी वास्तव में कहां संचालित थी, उसमें राकेश की क्या भूमिका थी और इतनी बड़ी रकम उसके पास कैसे आई।
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प्रयागराज पुलिस ने मामले को लेकर पुणे पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट भेजकर आरोपी के दावे, कंपनी के कार्यालय और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच करने का अनुरोध किया है। उधर, बरामद 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपये आयकर विभाग के माध्यम से बैंक में जमा करा दिए गए हैं।
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3.20 करोड़ रुपये मिलने के बाद आयकर विभाग की जांच लगातार जारी है। टीम 28 अक्टूबर से घर और उससे जुड़े परिसरों की पड़ताल कर रही है। अब विभाग बरामद रकम के स्रोत और राकेश व उसके भाई राजेश की संपत्तियों का ब्योरा जुटा रहा है। डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार ने बताया कि पुणे पुलिस कमिश्नर को रिपोर्ट भेजी गई है। मामले की विस्तृत जांच आयकर विभाग कर रहा है।