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पुण्य के लिए सिलाई सेवा करते हैं राजेंद्र
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 09 Jan 2015 01:26 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। माघ मेला में कल्पवास कर पुण्य के लिए दूर-दूर से महिलाएं-पुरुष एक माह के लिए संगम तट पर आ चुके हैं। हरियाणा में कुरुक्षेत्र के बाबा राजेंद्र गिरि भी पुण्य अर्जित करने के लिए माघ मेले में आए हैं मगर इसके लिए उनका तरीका दूसरा है। कुरुक्षेत्र में कपडे़ सिलने की दुकान चलाने वाले राजेंद्र गिरि वर्ष 1998 से लगातार माघ और कुंभ मेला में यहां सिलाई के सारे सामान लेकर आते हैं।
वे कहीं भी सड़क किनारे डेरा डालकर मुफ्त में लोगों के कपडे़ और बैग आदि सिलकर नारायण सेवा करते हैं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह यहां सिर्फ और सिर्फ भक्ति भावना से आते हैं। दिन भर सड़क किनारे सिलाई मशीन रखककर बैठते हैं। लोग आते हैं तो उनके कपड़े सिल देते हैं। बैग दुरुस्त कर देते हैं। किसी ने दो-चार रुपये जबरन थमाए तो रख लिए वरना हाथ जोड़कर राम-राम कह देते हैं। इस बार भी वह चार रोज पहले संगम तीरे आ गए हैं। दिन भर सिलाई की सेवा के बाद शाम से किसी पंडाल में जाकर सत्संग में ध्यान लगाते हैं राजेंद्र गिरि।
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वे कहीं भी सड़क किनारे डेरा डालकर मुफ्त में लोगों के कपडे़ और बैग आदि सिलकर नारायण सेवा करते हैं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह यहां सिर्फ और सिर्फ भक्ति भावना से आते हैं। दिन भर सड़क किनारे सिलाई मशीन रखककर बैठते हैं। लोग आते हैं तो उनके कपड़े सिल देते हैं। बैग दुरुस्त कर देते हैं। किसी ने दो-चार रुपये जबरन थमाए तो रख लिए वरना हाथ जोड़कर राम-राम कह देते हैं। इस बार भी वह चार रोज पहले संगम तीरे आ गए हैं। दिन भर सिलाई की सेवा के बाद शाम से किसी पंडाल में जाकर सत्संग में ध्यान लगाते हैं राजेंद्र गिरि।
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