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Prayagraj : आज से राज पंचक योग, प्रशासनिक व राजनीतिक गतिविधियों के लिए अहम
Mon, 16 Jun 2025 12:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 16 Jun 2025 12:40 PM IST
सार
16 जून को दोपहर 1:10 बजे से राज पंचक शुरू हो रहा है, जो 20 जून को रात 09:45 बजे तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित दिवाकर त्रिपाठी के मुताबिक, इसमें कई कार्य निषिद्ध माने जाते हैं, लेकिन सरकारी कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय अनुकूल होता है।
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मृत्यु पंचक नियम
- फोटो : freepik
विस्तार
16 जून को दोपहर 1:10 बजे से राज पंचक शुरू हो रहा है, जो 20 जून को रात 09:45 बजे तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित दिवाकर त्रिपाठी के मुताबिक, इसमें कई कार्य निषिद्ध माने जाते हैं, लेकिन सरकारी कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय अनुकूल होता है। इस दौरान संपत्ति से जुड़े मामलों में निर्णय लेना लाभकारी हो सकता है। प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों के लिए भी राज पंचक फायदेमंद माना जाता है।
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उन्होंने बताया कि सोमवार से शुरू होने वाले पंचक को राज पंचक, कहा जाता है, जो शुभ माना जाता है और इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता भी मिलती है। खासकर सरकारी और संपत्ति से जुड़े कार्यों में, हालांकि इसमें मांगलिक संस्कार करने से बचना चाहिए। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
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मान्यता है कि पंचक काल में किसी की मृत्यु होने पर नजदीक के पांच लोगों की मृत्यु हो जाती है। ऐसे में ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, इसके उपाय के रूप में शव दाह के समय आटे या कुश के पांच शव बनाए जाते हैं और उन सभी का एक साथ दाह संस्कार किया जाता है। विदित हो कि पंचक, ज्योतिष में एक विशिष्ट समय अवधि है जो हर महीने आती है। यह पांच नक्षत्रों (धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती) के योग से बनता है।
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