रेलवे एनटीपीसी : सड़कों पर लगा पुलिस का पहरा तो छात्रों ने इस तरीके से शुरू किया विरोध
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने भर्तियों में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है। समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि छात्रों के कमरों पर भले ही ताले लगा दिए गए, लेकिन जुबान को बंद नहीं किया जा सकता।
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रेलवे भर्ती के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के बाद बघाड़ा के लॉज भले ही खाली हो गए और कमरों पर ताले लग गए, लेकिन प्रतियोगी छात्रों ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। ट्विटर और फेसबुक के माध्यम से छात्र सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं। वहीं, तमाम छात्र संगठनों ने अलग-अलग बैठकें कर इस पूरे मामले में रेल मंत्रालय के साथ स्थानीय प्रशासन के रवैये पर भी नाराजगी जाहिर की है।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति ने भर्तियों में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के मुद्दे पर सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ दिया है। समिति के अध्यक्ष अवनीश पांडेय का कहना है कि छात्रों के कमरों पर भले ही ताले लगा दिए गए, लेकिन जुबान को बंद नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया पर प्रतियोगी छात्रों का अभियान जारी रहेगा। बात सिर्फ रेलवे भर्ती की नहीं है।
आयोग की भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच के बावजूद छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से मुंडन कराने पर छात्रों को गिरफ्तार किया जा रहा है। लॉज में घुसकर छात्रों को पीटा जा रहा है। छात्रों की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। उन्हें लाठियां मिल रहीं हैं।
एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग
उधर, समाजवादी छात्रसभा के सदस्यों ने एसएसपी को ज्ञापन देकर मांग की कि जिन छात्रों के कमरों में तोड़फोड़ हुई है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। लॉज में घुसकर छात्रों को पीटा गया। कमरों में रखते बर्तन, मेज-कुर्सी तोड़ दी गईं, शैक्षिक दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए गए। फोर्स ने अब भी कई लॉज को घेर रखा है और छात्र सहमे हुए हैं। ज्ञापन देने पहुंचे अखिलेश गुप्ता गुड्डू, अरविंद सरोज, चौधरी संदीप यादव, आशुतोष यादव ने कहा कि छात्रों को मुआवजा नहीं मिला तो उग्र प्रदर्शन होगा।
वहीं, युवा मंच के अध्यक्ष अनिल सिंह ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं अन्य संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अनिल सिंह ने युवा मंच के संयोजक राजेश सचान की गिरफ्तारी को गलत करार देते हुए कहा कि राजेश सचान का आंदोलन से कोई लेनादेना नहीं।
छात्रों को बबर तरीके से पीटने के मामले पर पर्दा डालने के लिए ऐसा किया जा रहा है। प्रतियोगी छात्र अपने माता-पिता का सपना पूरा करने के लिए प्रयागराज आते हैं। अगर अपनी आवाज उठाने के लिए उन पर संगीन मुकदमे लाद दिए गए तो उनका सपना कभी पूरा नहीं होगा।
प्रयागराज। रेलवे भर्ती के अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में आइसा एवं इंकलाबी नौजवान सभा के सदस्यों ने प्रदेश के कई जिलों में विरोध दिया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए छात्र नेताओं को हाउस अरेस्ट किया जा रहा है। छात्र नेताओं ने चंदौली में इंकलाबी नौजवान सभा के राज्य सह सचिव ठाकुर प्रसाद को हाउस अरेस्ट किए जाने की कड़ी निंदा की।
छात्रों ने गिरफ्तार किए गए छात्र नेताओं को बिना शर्त तत्काल रिहा किए जाने और रेल मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। आइसा के प्रदेश सचिव शिवम सफीर एवं इंकलाबी नौजवान सभा के सचिव सुनी मौर्या ने बताया कि प्रयागराज में प्रतियोगी छात्र बहुल इलाकों में चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है और नौजवानों में पुलिस का खौफ है।
रेलवे ट्रैक से पेंड्रोल क्लिप निकालने का वीडियो वायरल, स्टेशनों में बढ़ाई सुरक्षा
रेलवे भर्ती बोर्ड के नॉन टेकिभनकल पॉपुलर कैटेगरी परीक्षा के परिणाम के बाद अब तमाम तरह की अफवाहें सामने आ रही हैं। शुक्रवार को सोशल मीडिया में महापंचायत और महाआंदोलन के लेकर कई स्थानों पर पोस्टर चस्पा होने का वीडियो वायरल हो गया।
इसी दौरान एक वीडियो खासा सुर्खियों में आ गया। उस वीडियो में रेलवे ट्रैक से पेंड्रोल क्लिप निकाली जा रही थी। यह वीडियो सामने आते ही रेलवे स्टेशन के साथ ही शहर के सभी रेल ओवर ब्रिज आदि स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
वीडियो वायरल होने के बाद प्रयागराज स्थित रेलवे के कंट्रोल रूम तक में हड़कंप मच गया। इस दौरान जीआरपी और आरपीएफ जवानों की अलग-अलग टुकड़ियों ने कई स्थान पर रेलवे ट्रैक की जांच की। सोहबतियाबाग, कुंदन गेस्ट हाउस, बैरहना, साउथ मलाका, रामबाग, निरंजन समेत रेलवे के सभी रेल अंडर ब्रिज, रेल ओवर ब्रिज की चेकिंग की गई।
वीडियो को कई बार देखा गया। अंत में निष्कर्ष निकला कि यह वीडियो प्रयागराज का नहीं है। इस दौरान प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, प्रयागराज संगम, प्रयागराज रामबाग आदि रेलवे स्टेशनों का लोकल पुलिस ने भी मुआयना किया।