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Prayagraj Crime News: 500 आईडी से बनाता था कंफर्म रेलवे टिकट, करोड़ोें के टिकट बेचे
Thu, 27 Aug 2020 11:38 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 11:38 AM IST
सार
टिकट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का आरपीएफ ने किया पर्दाफाश
प्रतिबंधित सॉफ्टेवयर के जरिए बना रहा था टिकट
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रेलवे टिकट काउंटर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रयागराज। प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के जरिए कंफर्म टिकट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का आरपीएफ ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का एक सदस्य बुधवार को आरपीएफ ने कुंडा के मौली गांव से पकड़ा गया। युवक अलग-अलग 500 से ज्यादा पर्सनल यूजर आईडी की मदद से टिकट बना रहा था। उसने यह भी बताया कि उसके गिरोह ने अब तक करोड़ों रुपये की टिकट बेच चुका है।
आरपीएफ प्रभारी बीपी सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड से सूचना मिली थी कुंडा के मौली गांव में एक दलाल एक प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के जरिए टिकट बना रहा है। पूर्व में संबंधित युवक द्वारा एएनएमएस, रेड मिर्ची सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया था, जबकि वर्तमान में रेयल मैंगो सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जा रहा था। इस सॉफ्टवेयर से काफी तेजी से टिकट बनते हैं। वह कई वर्ष से इस पेशे से जुड़ा हुआ है। सूचना पाकर उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी, अविनाश शंकर, अमित मीणा, मनोज राय, संतोष यादव, अमित कुशवाहा, सोमनाथ सिंह कुंडा के एक गांव में गए। यहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से पंकज कुमार प्रजापति नाम के युवक को पकड़ा गया। जांच के दौरान उसके पास 500 से ज्यादा पर्सनल यूजर आईडी पाई गई।
इसके पूर्व युवक को पकड़ने के लिए आरपीएफ को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि आरपीएफ के पास सिर्फ उसका एक मोबाइल नंबर ही था जो 22 जुलाई को एक्टीवेट हुआ था और 14 अगस्त से बंद चल रहा था। पकड़े गए युवक के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पकड़े गए युवक ने बताया कि उसने प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर रेहान नाम के युवक से खरीदा था। अब आरपीएफ रेहान को ढूंढ रही है। सूबेदारगंज थाने बुधवार को उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया। आरपीएफ के मुताबिक इस कार्य में एक पूरा रैकेट सक्रिय है। इसमें कई लोग हैं। अभी चार युवक वांटेड घोषित किए गए हैं। अभी जांच में कई और पकड़े जाएंगे। इनका नेटवर्क बिहार, गुजरात, दिल्ली, बंगाल, मुंबई ,हरियाणा तक फैला है।
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मुंबई की टिकट में खेल, कंफर्म बर्थ के लिए युवाओं को बना रहे बुजुर्ग
प्रयागराज। अनलॉक होने के बाद रोजगार के लिए वापसी करने वाले कामगारों की भीड़ इन दिनों ट्रेनों में बढ़ गई है। सबसे ज्यादा भीड़ मुंबई रूट की है। एक-एक बर्थ के लिए हजारों रुपये यात्री खर्च करने को तैयार हैं। टिकट दलाल भी इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। दलालों ने अब सीनियर सिटीजन के कोटे में सेंधमारी शुरू कर दी है। टिकट दलाल कन्फर्म सीट के लिए वरिष्ठ नागरिक के नाम पर खेल कर टिकट बेच रहे हैं। ऐसे कुछ मामले सामने आने के बाद प्रयागराज मंडल का कामर्शियल विभाग और आरपीएफ सक्रिय हो गई है। इस संबंध में सीनियर डीसीएम प्रयागराज अंशु पांडेय ने बुधवार को आईआरसीटीसी को एक पत्र भी भेजा है।
बीते तीन दिन के दौरान प्रयागराज की आरपीएफ और वाणिज्य विभाग की टीम ने दलालों की सांठगांठ से बने टिकट के कई मामले पकड़े। दो रोज पहले ही छिवकी स्टेशन पर स्टेशन पर दो आरक्षित यात्रा टिकट की जांच के दौरान पाया गया कि उसमें आयु एवं लिंग में परिवर्तन किया गया है। इन टिकटों के माध्यम से यात्रा करने जा रहे यात्रियों द्वारा बताया गया कि यह टिकट जंघई स्टेशन पर पप्पू नाम के दलाल से खरीदे गए थे। इसी तरह की एक अन्य मिलती जुलती घटना महानगरी एक्सप्रेस में 23 अगस्त को पकड़ी गई। इसमें मडुआडीह से प्रयागराज छिवकी के मध्य 24 ऐसे यात्री जांच के दौरान पाए गए जिनके पास मूल टिकट नहीं थे। मानिकपुर में भी कुछ ऐसे ही यात्रियों को पकड़ा गया। वहां भी जुर्माना लिया गया। इसी क्रम में उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में भी पकड़े गए।
मामला काफी गंभीर है। इस संबंध में वाणिज्य विभाग और आरपीएफ की टीम लगातार ट्रेनों में चेकिंग कर रही है। साथ ही आईआरसीटीसी को भी पत्र भेजा जा रहा है कि वह भी आवश्यक कदम उठाएं। -अंशु पांडेय, सीनियर डीसीएम, प्रयागराज मंडल।
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आरपीएफ प्रभारी बीपी सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड से सूचना मिली थी कुंडा के मौली गांव में एक दलाल एक प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर के जरिए टिकट बना रहा है। पूर्व में संबंधित युवक द्वारा एएनएमएस, रेड मिर्ची सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया था, जबकि वर्तमान में रेयल मैंगो सॉफ्टवेयर का प्रयोग किया जा रहा था। इस सॉफ्टवेयर से काफी तेजी से टिकट बनते हैं। वह कई वर्ष से इस पेशे से जुड़ा हुआ है। सूचना पाकर उपनिरीक्षक अमित द्विवेदी, अविनाश शंकर, अमित मीणा, मनोज राय, संतोष यादव, अमित कुशवाहा, सोमनाथ सिंह कुंडा के एक गांव में गए। यहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से पंकज कुमार प्रजापति नाम के युवक को पकड़ा गया। जांच के दौरान उसके पास 500 से ज्यादा पर्सनल यूजर आईडी पाई गई।
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इसके पूर्व युवक को पकड़ने के लिए आरपीएफ को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि आरपीएफ के पास सिर्फ उसका एक मोबाइल नंबर ही था जो 22 जुलाई को एक्टीवेट हुआ था और 14 अगस्त से बंद चल रहा था। पकड़े गए युवक के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पकड़े गए युवक ने बताया कि उसने प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर रेहान नाम के युवक से खरीदा था। अब आरपीएफ रेहान को ढूंढ रही है। सूबेदारगंज थाने बुधवार को उसके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया। आरपीएफ के मुताबिक इस कार्य में एक पूरा रैकेट सक्रिय है। इसमें कई लोग हैं। अभी चार युवक वांटेड घोषित किए गए हैं। अभी जांच में कई और पकड़े जाएंगे। इनका नेटवर्क बिहार, गुजरात, दिल्ली, बंगाल, मुंबई ,हरियाणा तक फैला है।
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मुंबई की टिकट में खेल, कंफर्म बर्थ के लिए युवाओं को बना रहे बुजुर्ग
प्रयागराज। अनलॉक होने के बाद रोजगार के लिए वापसी करने वाले कामगारों की भीड़ इन दिनों ट्रेनों में बढ़ गई है। सबसे ज्यादा भीड़ मुंबई रूट की है। एक-एक बर्थ के लिए हजारों रुपये यात्री खर्च करने को तैयार हैं। टिकट दलाल भी इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। दलालों ने अब सीनियर सिटीजन के कोटे में सेंधमारी शुरू कर दी है। टिकट दलाल कन्फर्म सीट के लिए वरिष्ठ नागरिक के नाम पर खेल कर टिकट बेच रहे हैं। ऐसे कुछ मामले सामने आने के बाद प्रयागराज मंडल का कामर्शियल विभाग और आरपीएफ सक्रिय हो गई है। इस संबंध में सीनियर डीसीएम प्रयागराज अंशु पांडेय ने बुधवार को आईआरसीटीसी को एक पत्र भी भेजा है।
बीते तीन दिन के दौरान प्रयागराज की आरपीएफ और वाणिज्य विभाग की टीम ने दलालों की सांठगांठ से बने टिकट के कई मामले पकड़े। दो रोज पहले ही छिवकी स्टेशन पर स्टेशन पर दो आरक्षित यात्रा टिकट की जांच के दौरान पाया गया कि उसमें आयु एवं लिंग में परिवर्तन किया गया है। इन टिकटों के माध्यम से यात्रा करने जा रहे यात्रियों द्वारा बताया गया कि यह टिकट जंघई स्टेशन पर पप्पू नाम के दलाल से खरीदे गए थे। इसी तरह की एक अन्य मिलती जुलती घटना महानगरी एक्सप्रेस में 23 अगस्त को पकड़ी गई। इसमें मडुआडीह से प्रयागराज छिवकी के मध्य 24 ऐसे यात्री जांच के दौरान पाए गए जिनके पास मूल टिकट नहीं थे। मानिकपुर में भी कुछ ऐसे ही यात्रियों को पकड़ा गया। वहां भी जुर्माना लिया गया। इसी क्रम में उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में भी पकड़े गए।
मामला काफी गंभीर है। इस संबंध में वाणिज्य विभाग और आरपीएफ की टीम लगातार ट्रेनों में चेकिंग कर रही है। साथ ही आईआरसीटीसी को भी पत्र भेजा जा रहा है कि वह भी आवश्यक कदम उठाएं। -अंशु पांडेय, सीनियर डीसीएम, प्रयागराज मंडल।