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ट्रेन से उतरते वक्त ट्रैक पर गिरा आरएएफ जवान, मौत
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Rail crime
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प्रयागराज। जंक्शन पर सोमवार रात हुए हादसे में आरएएफ जवान की मौत हो गई। प्लेटफार्म पर उतरते वक्त वह नीचे गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे गंभीर चोटें आईं। इलाज के लिए जवान को एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां देर रात उसकी सांसें थम गईं। इधर जवान की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
राघवेंद्र सिंह (40) (निवासी वाराणसी के हसनपुर, बड़ागांव) शांतिपुरम स्थित आरएएफ 101 बटालियन की डी कंपनी में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। पिछले दिनों छुट्टी पर वह दिल्ली गए थे। जहां से सोमवार को वह संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से फाफामऊ में बटालियन परिसर स्थित अपने आवास पर लौट रहे थे। रात 12.48 बजे के करीब ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार से होकर गुुजर रही थी। इसी दौरान राघवेंद्र ने नीचे उतरने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान वह खुद को संभाल नहीं सके और ट्रैक पर गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में उनके पैर कट गए और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। जंक्शन पर मौजूद जीआरपी टीम ने उन्हें एसआरएन अस्पताल पहुंचाया। जेब में मिले कागजात के जरिए परिजनों को सूचना दी गई जिस पर पत्नी साधना सिंह व भाई पिंकू भी पहुंच गए। हालांकि देर रात इलाज के दौरान ही राघवेंद्र की मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद आरएएफ अफसर भी मर्चरी पहुंचे और साथी को सलामी दी। जीआरपी एसएसआई सुधीर पांडे ने बताया कि घायल जवान को एंबुलेंस से एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन, उन्हें बचाया नहीं जा सका।
वाराणसी में हुआ अंतिम संस्कार
आरएएफ जवान की मौत के बाद से उसके परिवार में कोहराम है। मृतक के दो बेटे हैं, जिनमें से एक 12 व दूसरा महज सात साल का है। भाई पिंकू ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव वाराणसी स्थित पैतृक घर पर लाया गया। यहां से शाम छह बजे के करीब शव लेकर परिजन मणिकर्णिका घाट पर पहुंचे जहां अंतिम संस्कार हुआ।
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राघवेंद्र सिंह (40) (निवासी वाराणसी के हसनपुर, बड़ागांव) शांतिपुरम स्थित आरएएफ 101 बटालियन की डी कंपनी में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। पिछले दिनों छुट्टी पर वह दिल्ली गए थे। जहां से सोमवार को वह संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस से फाफामऊ में बटालियन परिसर स्थित अपने आवास पर लौट रहे थे। रात 12.48 बजे के करीब ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार से होकर गुुजर रही थी। इसी दौरान राघवेंद्र ने नीचे उतरने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान वह खुद को संभाल नहीं सके और ट्रैक पर गिरकर ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में उनके पैर कट गए और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। जंक्शन पर मौजूद जीआरपी टीम ने उन्हें एसआरएन अस्पताल पहुंचाया। जेब में मिले कागजात के जरिए परिजनों को सूचना दी गई जिस पर पत्नी साधना सिंह व भाई पिंकू भी पहुंच गए। हालांकि देर रात इलाज के दौरान ही राघवेंद्र की मौत हो गई। जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मंगलवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद आरएएफ अफसर भी मर्चरी पहुंचे और साथी को सलामी दी। जीआरपी एसएसआई सुधीर पांडे ने बताया कि घायल जवान को एंबुलेंस से एसआरएन अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन, उन्हें बचाया नहीं जा सका।
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वाराणसी में हुआ अंतिम संस्कार
आरएएफ जवान की मौत के बाद से उसके परिवार में कोहराम है। मृतक के दो बेटे हैं, जिनमें से एक 12 व दूसरा महज सात साल का है। भाई पिंकू ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव वाराणसी स्थित पैतृक घर पर लाया गया। यहां से शाम छह बजे के करीब शव लेकर परिजन मणिकर्णिका घाट पर पहुंचे जहां अंतिम संस्कार हुआ।
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