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कालका मेल जैसे हादसे की नहीं होगी पुनरावृत्ति
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Rail accident news
- फोटो : CITY DESK
इलाहाबाद जंक्शन समेत तमाम स्टेशनों के यार्ड में रहेगा अब लॉग वेल्डेड रेल
लांग वेल्डेड रेल लगने से जहां जुड़ा है ट्रैक वहां यात्रियों को नहीं लगेंगे झटके
प्रयागराज। रेलवे स्टेशनों पर प्रवेश के पूर्व यार्ड में पहुंचने पर ट्रेनों में लगने वाले झटके से यात्रियों को शीघ्र ही निजात मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अब इलाहाबाद जंक्शन समेत उत्तर मध्य रेलवे के तमाम स्टेशनों के पूर्व यार्ड में प्वाइंट और क्रांसिंग जोन में लांग वेल्डेड रेल का उपयोग होगा। इसके लगने के बाद यार्ड के ऐसे स्थान जहां दो ट्रैक आपस में जुड़े हुए हैं वहां ट्रेन गुजरने के दौरान उसमें बैठे यात्रियों को झटक नहीं लगेंगे।
दरअसल जुलाई 2011 में इलाहाबाद मंडल के मलबा रेलवे स्टेशन के यार्ड में कालका मेल हादसा ज्वाइंट में आई गड़बड़ी की वजह से ही हुआ था। तब उस हादसे में कई लोग की जान गई थी। कालका मेल हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए लंबे समय मंथन करने के बाद एनसीआर ने अब स्टेशनों के यार्ड में प्वाइंट और क्रांसिंग जोन में लंबे वेल्डेड रेल लगाने की कार्रवाई शुरू की है। इसे अभी टूंडला के पास चमरौला स्टेशन पर लगाया गया है। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत सिंह ने बताया कि लंबे वेल्डेड रेल लग जाने से ट्रैक स्ट्रक्चर में जोड़ों की संख्या कम हो जाएगी। साथ ही ट्रेन गुजरने के दौरान यात्रियों को झटके भी नहीं लगेंगे। इसे पहली बार चमरौला यार्ड के प्वाइंट और क्रांसिंग जोन में लगाया गया है। रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य राकेश गोयल ने इसका उद्घाटन भी शनिवार को किया। इस दौरान एनसीआर के प्रमुख मुख्य अभियंता शरद मेहता, रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक बीपी अवस्थी, मुख्य ट्रैक इंजीनियर एके ददरिया आदि मौजूद रहे।
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लांग वेल्डेड रेल लगने से जहां जुड़ा है ट्रैक वहां यात्रियों को नहीं लगेंगे झटके
प्रयागराज। रेलवे स्टेशनों पर प्रवेश के पूर्व यार्ड में पहुंचने पर ट्रेनों में लगने वाले झटके से यात्रियों को शीघ्र ही निजात मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि अब इलाहाबाद जंक्शन समेत उत्तर मध्य रेलवे के तमाम स्टेशनों के पूर्व यार्ड में प्वाइंट और क्रांसिंग जोन में लांग वेल्डेड रेल का उपयोग होगा। इसके लगने के बाद यार्ड के ऐसे स्थान जहां दो ट्रैक आपस में जुड़े हुए हैं वहां ट्रेन गुजरने के दौरान उसमें बैठे यात्रियों को झटक नहीं लगेंगे।
दरअसल जुलाई 2011 में इलाहाबाद मंडल के मलबा रेलवे स्टेशन के यार्ड में कालका मेल हादसा ज्वाइंट में आई गड़बड़ी की वजह से ही हुआ था। तब उस हादसे में कई लोग की जान गई थी। कालका मेल हादसे की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए लंबे समय मंथन करने के बाद एनसीआर ने अब स्टेशनों के यार्ड में प्वाइंट और क्रांसिंग जोन में लंबे वेल्डेड रेल लगाने की कार्रवाई शुरू की है। इसे अभी टूंडला के पास चमरौला स्टेशन पर लगाया गया है। इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ अजीत सिंह ने बताया कि लंबे वेल्डेड रेल लग जाने से ट्रैक स्ट्रक्चर में जोड़ों की संख्या कम हो जाएगी। साथ ही ट्रेन गुजरने के दौरान यात्रियों को झटके भी नहीं लगेंगे। इसे पहली बार चमरौला यार्ड के प्वाइंट और क्रांसिंग जोन में लगाया गया है। रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य राकेश गोयल ने इसका उद्घाटन भी शनिवार को किया। इस दौरान एनसीआर के प्रमुख मुख्य अभियंता शरद मेहता, रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक बीपी अवस्थी, मुख्य ट्रैक इंजीनियर एके ददरिया आदि मौजूद रहे।
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