बिकरू कांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए बनेगी क्यूआरटी, कमांडो ट्रेनिंग से लैस होंगे जवान
- 40 सदस्यीय होगी क्विक रिएक्शन टीम, 30 पुरुष व 10 महिला सिपाही होंगी
- जनपदीय फोर्स से ही होगा टीम के सदस्यों का चयन
- चयन के लिए शारीरिक के साथ ही मानसिक क्षमता भी होगी पैमाना
- विशेष व अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे टीम के सदस्य
- ब्लैक कैट कमांडो की तरह होगी ड्रेस
- चयनित सभी जवानों को दिलाई जाएगी कमांडो ट्रेनिंग
- चार टुकड़ियों में बांटी जाएगी 40 जवानों की टीम
विस्तार
जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगडने या शातिर अपराधियों की धरपकड़ के लिए ब्लैक कैट कमांडो जैसे जवान मोर्चे पर लोहा लेते दिखें तो चौंकिएगा नहीं। इसलिए क्योंकि अब क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) के यही जवान आपात स्थितियों में फ्रंटलाइन ड्यूटी करेंगे। एसएसपी की पहल पर जिला स्तर पर इस टीम का गठन करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
वर्तमान में कानून व्यवस्था के उल्लंघन की दशा में पुलिसकर्मियों को ही लगाया जाता है। हालात गंभीर हों तो पीएसी या फिर आरएएफ को बुलवाया जाता है। पुलिस अफसरों का कहना है कि थानों की फोर्स के साथ ही लाइन में मौजूद रिजर्व फोर्स को ऐसी स्थितियों में ड्यूटी पर बुलाया जाता है। जबकि इन परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों की आवश्यकता होती है। जो न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद मजबूत हों। यही वजह है कि अब जनपद स्तर पर क्यूआरटी का गठन करने का निर्णय लिया गया है। रिजर्व फोर्स की तरह ही इस टीम के सदस्य लाइन में रहेंगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर कहीं भी तुरंत मौके पर भेजा जा सकेगा।
- क्यूआरटी के गठन के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। उद्देश्य यही है कि आपात स्थितियों से त्वरित व योजनाबद्ध तरीके से निपटा जा सके। ताकि कहीं भी कानून व्यवस्था बिगडने न पाए। यही नहीं शातिर अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलने वाले सर्च ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस के साथ ही यह टीम भी शामिल होगी। अभिषेक दीक्षित, एसएसपी