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भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व लेखाधिकारी की अंतरिम जमानत खारिज
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pwd corruption case
भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व लेखाधिकारी की अंतरिम जमानत खारिज
प्रयागराज। हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग वाराणसी के मंडलीय कार्यालय में वरिष्ठ मंडलीय लेखाधिकारी रहे सूर्य प्रताप मिश्र की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। याची पर धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत थाना- कोतवाली, जिला चंदौली में मुकदमा दर्ज है। अंतरिम जमानत प्रार्थनापत्र पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि उसे विद्वेष वश फंसाया गया है, जबकि सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कांत व एजीए वैभव आनंद सिंह ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बड़ी मात्रा में जनता के पैसों के गबन का है। इसी कारण याची को अंतरिम जमानत दिया जाना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि याची अधिवक्ता ने ऐसा कोई ठोस आधार नहीं बताया, जिससे अंतरिम जमानत दी जा सके। इस कारण अंतरिम जमानत अर्जी खारिज की जाती है, लेकिन कोर्ट ने याची को यह छूट दी है कि वह चाहे तो नियमित जमानत के लिए जमानत अर्जी निचली अदालत में दाखिल कर सकता है और लोअर कोर्ट यथासंभव उसी दिन जमानत अर्जी का निस्तारण करें।
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प्रयागराज। हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग वाराणसी के मंडलीय कार्यालय में वरिष्ठ मंडलीय लेखाधिकारी रहे सूर्य प्रताप मिश्र की अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। याची पर धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत थाना- कोतवाली, जिला चंदौली में मुकदमा दर्ज है। अंतरिम जमानत प्रार्थनापत्र पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने सुनवाई की।
याची के अधिवक्ता का कहना था कि उसे विद्वेष वश फंसाया गया है, जबकि सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कांत व एजीए वैभव आनंद सिंह ने कोर्ट को बताया कि यह मामला बड़ी मात्रा में जनता के पैसों के गबन का है। इसी कारण याची को अंतरिम जमानत दिया जाना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि याची अधिवक्ता ने ऐसा कोई ठोस आधार नहीं बताया, जिससे अंतरिम जमानत दी जा सके। इस कारण अंतरिम जमानत अर्जी खारिज की जाती है, लेकिन कोर्ट ने याची को यह छूट दी है कि वह चाहे तो नियमित जमानत के लिए जमानत अर्जी निचली अदालत में दाखिल कर सकता है और लोअर कोर्ट यथासंभव उसी दिन जमानत अर्जी का निस्तारण करें।
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