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ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ जल की उपलब्धता आज भी चुनौती

Fri, 29 Mar 2019 01:27 AM IST
विनोद सिंह News desk- amarujala, Prayagraj
News desk- amarujala, Prayagraj Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 29 Mar 2019 01:27 AM IST
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Pure water for drinking is a big challenge in rural areas.
खराब हैंडपंप
 एमएनएनआईटी में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ जल की उपलब्धता विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी लोगों को पीने का पानी उपलब्ध न करा पाना चुनौती है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग, जनपदीय अभियांत्रिकी विभाग, उत्तर प्रदेश जल निगम और इंडियन वाटर वर्क्स प्रयागराज की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि नीति निर्माताओं के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पीने योग्य पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराना अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध पानी की एक बड़ी मात्रा प्रदूषित जल की है, जिसमें सुधार करना अत्यावश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि स्वच्छ जल किसी की भी जिंदगी के लिए महत्वपूर्ण है। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में बृहस्पतिवार को शुरू हुई दो दिवसीय कार्यशाला का विषय ‘वाटर ट्रीटमेंट ऑप्शन फॉर प्रीयारिटी ड्रिंकिंग वाटर पोलूटेंट्स इन रूरल एरिया’ है। इसका शुभारंभ उत्तर प्रदेश जल निगम के पूर्व प्रबंध निदेशक पीके आसुदानी एवं इंजीनियर एके श्रीवास्तव ने किया।
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राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल अतिथियों का स्वागत उत्तर प्रदेश जल निगम के मुख्य अभियंता (गंगा) एके रस्तोगी ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को कुंभ मेला के दौरान जल निगम की ओर से कुशलता पूर्वक संपादित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान सामने आई चुनौतियों से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने के साथ अनुभव साझा किया।
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मुख्य अतिथि इंजीनियर एके श्रीवास्तव ने सरकार की ओर से शुरू की गई अमृत योजना का विवरण प्रस्तुत करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निगम के प्रयासों की चर्चा की। इंजीनियर पीके आसुदानी ने गिरते भू-जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए जल के मुख्य प्रदूषक तत्वों जैसे फ्लोराइड, आर्सेनिक से होने वाली हानियों की तरफ ध्यान आकृष्ट करते हुए उससे बचने के तरीके बताए।


कार्यशाला के संरक्षक एवं कार्यवाहक निदेशक प्रो. एमएम गोरे ने सूखे पड़े कुंए और तालाबों पर चिंता जाहिर करते हुए जन निगम से उनकेउद्घार और उनके जल उपयोग की तरफ ध्यान आकृष्ठ किया। अतिथियों का स्वागत विभाग के कार्यवाहक अध्यक्ष पीके मेहता ने किया। संयोजन आयोजन सचिव प्रो.आरसी वैश्य ने किया। इंजीनियर जीसी दुबे ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया
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