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प्रयागराज : राजकीय सम्मान के साथ शहीद महेश को दी गई अंतिम विदाई, उमड़ा जनसैलाब

Sat, 16 Feb 2019 12:16 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: देव कश्यप Updated Sat, 16 Feb 2019 12:16 PM IST
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Pulwama attack: coffin of martyr mahesh kumar reached villege Meja, prayagraj

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के काफिले पर हुए आतंकी हमले में मेजा के लाल महेश यादव शहीद हो गए थे। जिनका पार्थिव शरीर  शनिवार को प्रयागराज के मेजा में सुबह साढ़े दस बजे पहुंचा तो हजारो के संख्या में ग्रामीण, नेता व समाजसेवी उमड़ पड़े। इस दौरान देर शाम को पूरे राजकीय सम्मान के साथ नरवर चौकठा गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। गुरुवार रात को मेजा निवासी सीआरपीएफ की बटालियन के जवान महेश कुमार यादव के शहीद होने की खबर मिली तो पूरे गाव व क्षेत्र गम में डूब गया।

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परिवार में मां शांति देवीं, पत्नी संजना, भाई अमरेश, बहन वंदना व पिता राजकुमार का रो रोकर बुरा हाल हो गया। महेश यादव की शहादत के बाद हजारों लोग शनिवार को सुबह से ही मेजा के टुड़िहार ग्राम में इकठ्ठा होने लगे। साढ़े दस बजे के लगभग काफिले के साथ शव क्षेत्र में पहुंचा तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। लोग महेश अमर रहे व पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। इस दौरान ग्रामीणों ने दो घंटे तक हाईवे जाम कर सीएम को बुलाने की मांग की । स्थानीय प्रशासन के हस्तक्षेप पर शव किसी तरह घर पहुंचा। शव घर पहुंचते ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगाें के भावनाओं का ज्वार इस कदर फूट पड़ा कि पुलिस व सीआरपीएफ के जवानों को भीड़ संभालना मुश्किल हो गया।
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लोग किसी भी तरह शहीद का एक झलक पाने के लिए आतुर हो गए। सीएम और डिप्टी सीएम को बुलाने की मांग कर रहे परिजनों ने तीन घंटे पार्थिव शरीर घर पर ही रोके रखा। पच्चीस लाख रूपये आर्थिक सहायता राशि यूपी कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और डॉ. रीता बहुगुणा जोशी की ओर से परिजनों को दिया गया। राज्य व केंद्र सरकार की ओर से नौकरी और अन्य सुविधाओं के आश्वासन पर परिजनों ने पार्थिव शरीर को विदाई दी। देर शाम पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ मेजा के नरवर चौकठा गंगा घाट पर किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी, भाजपा सांसद श्यामाचरण गुप्त, फूलपुर सपा सांसद नागेंद्र सिंह पटेल, डीएम सुहास एलवाई और एसएसपी नितिन तिवारी आदि मौजूद रहे।

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सीएम व डिप्टी सीएम को बुलाने पर अड़े रहे परिजन

Pulwama attack: coffin of martyr mahesh kumar reached villege Meja, prayagraj

शहीद महेश यादव का पार्थिव शरीर मेजा में पहुंचने से पहले ही ग्राम के पास प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर ग्रामीण इकठ्ठा हो गए। आक्रोशित लोगाें ने सीएम व डिप्टी सीएम के बुलाने की मांग करते हुए दो घंटे हाईवे जाम कर दिया। हाईवे पर पार्थिव शरीर पहुंचते ही स्थानीय प्रशासन के मान मनौव्वल पर किसी तरह जाम खुला तो तीन घंटे शहीद के शव को घर पर रोककर सीएम व डिप्टी सीएम को बुलाने पर परिजन अड़े रहे। इस दौरान घंटों हंगामा होता रहा। मेजा में शहीद महेश के परिजन सीएम और डिप्टी सीएम को गांव में बुलाना चाहते थे।

यही कारण था कि शनिवार की सुबह से ही टुड़िहार गांव के सामने प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर लोग जमा हो गए थे। सुबह आठ से दस बजे तक लगे जाम को शहीद के शव को पहुंचते ही एसडीएम मेजा व सीओ के कहने पर खोला गया। जुलूस के साथ पार्थिव शरीर शहीद के घर लाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में उमड़े लोगों ने प्रशासन से सीएम व डिप्टी सीएम के आने की जिद करने लगे। उनका कहना था कि सीएम, डिप्टी सीएम व पूरा कैबिनेट गंगा स्नान को आ सकता है तो देश के लाल के शहादत पर क्यों नहीं आ सकता। लोगों की भीड़ को देख स्थानीय प्रशासन के हाथ पॉव फूल गए। शहीद की रिश्तेदार चिलबिला निवासिनी गेंदा देवी फफक के रो पड़ी।

कहा कि कम से कम एक दिन के लिए मुख्यमंत्री को समय निकाल कर शहीद के घर आना चाहिए था। वहीं सोम्मारी देवी व फूलकली ने भी आक्रोश जताते हुए सीएम और डिप्टी सीएम को आने की जिद करती रहीं। हालांकि भारी हंगामे के बीच कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह व कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने परिजनों को पूरा मदद का भरोसा दिलाया । तब जाकर परिजन किसी तरह शांत हो सके। वहीं शहीद के घर सीआपीएफ के डीआईजी महावीर सिंह शेखावत व डिप्टी कमांडेड हिमांशु प्रसाद पहुंच गए। उन्होंने परिजनों का आश्वस्त किया कि शहीद की पत्नी को 57 साल तक पूरा वेतन उसके बाद पारिवारिक पेंशन दिया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक नौकरी और अन्य निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

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