फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Public Interest Petition based on allegations and a memorandum not accepted: High Court

आरोप और ज्ञापन के आधार पर जनहित याचिका स्वीकार नहीं : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:50 AM IST
विज्ञापन
Public Interest Petition based on allegations and a memorandum not accepted: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गोरखपुर के चौरी-चौरा स्थित 147-बी रेलवे ओवरब्रिज को ‘एल’ मॉडल के बजाय ‘वाई’ मॉडल में बनाने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि याची कोई ठोस और स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। केवल आरोपों, ज्ञापनों की प्रतियां और अखबारों की कतरनें जनहित याचिका पर विचार करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हो सकती हैं। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने काली शंकर यदुवंशी एवं एक अन्य की जनहित याचिका पर दिया।
विज्ञापन

याचिका में राज्य सरकार और अन्य अधिकारियों को ओवरब्रिज के मॉडल में बदलाव करने की बात कही गई थी। कोर्ट ने कहा कि याचियों ने अपने दावों के समर्थन में कोई ऐसा ठोस दस्तावेज या सामग्री प्रस्तुत नहीं की, जिससे अदालत स्वतंत्र रूप से किसी निष्कर्ष पर पहुंच सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने कहा कि पर्याप्त और विश्वसनीय सामग्री के अभाव में इस प्रकार की जनहित याचिकाओं पर विचार नहीं किया जा सकता। इसके बाद कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed