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High Court : मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग पर दायर जनहित याचिका खारिज, कोर्ट ने लगाया 50 हजार का जुर्माना
Fri, 13 Feb 2026 04:09 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 13 Feb 2026 04:09 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर करने पर प्रयागराज निवासी मुहम्मद यशा पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मतदाता सूची से नाम हटाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर करने पर प्रयागराज निवासी मुहम्मद यशा पर 50 हजार का जुर्माना लगाया है। रिट याचिका छिपाने पर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
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मुहम्मद यशा ने तहसील सदर की मतदाता सूची से प्रतिवादी के नाम हटाने का निर्देश देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान प्रतिवादी की ओर से दलील दी गई कि इसी विषय पर पहले भी एक रिट दायर की गई थी। सात जनवरी-2026 को एकल पीठ खारिज कर चुकी है। पूर्व याचिका इस आधार पर खारिज की गई थी कि जिन मतदाताओं के नाम हटाने की मांग की गई थी। उन्हें पक्षकार नहीं बनाया गया था और न ही सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कोई विधिक आपत्ति प्रस्तुत की गई थी।
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कोर्ट के समक्ष यह तथ्य भी प्रस्तुत किया गया कि वर्तमान जनहित याचिका में पूर्व याचिका के खारिज होने की जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि दोनों याचिकाओं में मांगी गई राहत समान थी। इस पर कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई।
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कोर्ट ने कहा कि जब समान राहत के लिए दायर याचिका पहले ही खारिज हो चुकी हो तो उसी मुद्दे को जनहित के रूप में पुनः प्रस्तुत करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट के समक्ष सभी प्रासंगिक तथ्यों का पूर्ण और स्पष्ट प्रकटीकरण करना अनिवार्य दायित्व है। कोर्ट ने याची पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए रजिस्ट्रार अनुपालन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि निर्धारित राशि की वसूली की जाए।