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हाईकोर्ट : SC-ST एक्ट सहित अन्य मामलों की कार्रवाई रद्द, अपील लंबित रहने के दौरान पक्षों ने कर लिया था समझौता
Sat, 30 Mar 2024 04:50 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 Mar 2024 04:50 PM IST
सार
मामले में याची बृजकिशोर साहू उर्फ बिट्टू और एक अन्य पर थाना नवाबाद, जिला झांसी में एससीएसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में केस दर्ज किया गया था। विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की ओर से जारी किए गए समन आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दायर की।
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अदालत।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एससीएसटी एक्ट मामले में जारी किए गए समन आदेश के खिलाफ दायर आपराधिक अपील की सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट को अवगत कराया गया कि दोनों पक्षों ने अपील के लंबित रहने के दौरान समझौता कर लिया है। इसपर कोर्ट ने सभी कार्रवाई को रद्द करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में न्यायालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ित ने किसी दबाव में नहीं बल्कि अपनी इच्छा से समझौता किया है। न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
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मामले में याची बृजकिशोर साहू उर्फ बिट्टू और एक अन्य पर थाना नवाबाद, जिला झांसी में एससीएसटी एक्ट सहित विभिन्न मामलों में केस दर्ज किया गया था। विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) की ओर से जारी किए गए समन आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दायर की।
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याची अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि वर्तमान अपील के लंबित रहने के दौरान दोनों पक्षों ने आठ अक्तूबर 23 को समझौता कर विवाद का निपटारा कर लिया है। इस आधार पर विवादित आदेश को रद्द करने की मांग की। कोर्ट ने तथ्यों के आधार पर अपीलकर्ता की प्रार्थना को स्वीकार करते हुए सभी तरह की कार्यवाही को रद्द कर दिया।
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