फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prepare becoming engaged adulterated and stale Khowa

खपने को तैयार मिलावटी और बासी खोवा

Sat, 04 Mar 2017 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 04 Mar 2017 01:45 AM IST
विज्ञापन
Prepare becoming engaged adulterated and stale Khowa
sample
दस दिन बाद होली का त्योहार है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अफसर और कर्मचारी चुनाव कार्य में फंसे रह गए। ऐसे में मिलावट की आड़ में मोटा मुनाफा कमाने वालों को गड़बड़ी करने का पूरा मौका मिल गया। कई प्रमुख प्रतिष्ठानों के कारखानों, डेयरी और कुछ कोल्ड स्टोरेज में खोवा स्टोर करके रख लिया गया है। होली नजदीक आने पर यह खोवा बाजार में पहुंच जाएगा और फिर इसके बाद शुरू होगा सेहत से खिलवाड़ का खेल।
विज्ञापन


जिले में प्रतिदिन तकरीबन तीन लाख लीटर दूध की खपत होती है। होली जैसे त्योहार में खपत दोुगनी हो जाती है जबकि उत्पादन में कोई वृद्धि नहीं होती। ऐसे में मांग के अनुरूप आपूर्ति करने के दो ही रास्ते हैं। खोवा में मिलावट की जाए और उसे पहले से स्टोर करके रख लिया जाए ताकि मांग बढ़ते ही आपूर्ति की जा सके। इस आड़ में मोटा मुनाफा कमाने वालों ने खेल शुरू कर दिया है। बाजार के सूत्रों का कहना है कि तमाम डेयरियों में खोवा स्टोर करके रख लिया गया है।
विज्ञापन


भले ही दस दिन बाद यह सेहत के लिए हानिकारक साबित हो, पर मुनाफा कमाने वालों का इससे कोई लेना-देना नहीं। ज्यादातर खोवा झूंसी, नैनी, फाफामऊ, बम्हरौली जैसे शहर से सटे बाहरी इलाकों में स्टोर करके रखा गया है। इसके अलावा कई कोल्ड स्टोर में भी खोवा स्टोर करके रखा गया है। इसके अलावा शहर में जहां भी खोवा मंडी है, वहां इसकी आपूर्ति शुरू हो गई है। सूत्रों का कहना है कि यह खेल दो माह पहले ही शुरू हो चुका है। खोवा को ताजा बनाए रखने के लिए दो से तीन माह तक कोल्ड स्टोरेज में रखा जा सकता है जबकि 15 दिनों के बाद ही खोवा सड़ने लगता है। कोल्ड स्टोरेज से बाहर आने पर अगर 24 घंटे के भीतर खोवा का इस्तेमाल नहीं किया गया तो वह सेहत के लिए घातक हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 दूध की मात्रा बढ़ाने और मुनाफा कमाने के लिए पहले तो पानी मिलाया जाता है।
- खोवा और मिठाई का वजन बढ़ाने के लिए स्टार्च यानी मैदा, आलू जैसी खाद्य सामग्रियां मिलाई जाती हैं।
- दूध को फटने से बचाने और उसे चार-पांच दिनों स्टोर करके रखने के लिए उसमें कपड़े धोने, खाने वाला सोडा, डिटर्जेंट, यूरिया, हाइड्रोजन-पर-ऑक्साइड और फार्मेलिन की मिलावट की जाती है। ये सभी पदार्थ जहरीले होते हैं और ऐसे दूध से बना खोवा भी सेहत के लिए हानिकारक होता है।

- चुटकी भर खोवा लेकर उसे उंगलियों से दो मिनट तक मसले। अगर इस बीच खोवा की छोटी सी गोली बनी और उंगलियों की गंदगी खोवा में उतर आई तो मिलावट नहीं है। अगर गोली नहीं बनी और खोवा चूर-चूर होकर बिखरा तो उसमें मिलावट है।

- खोवा का रंग पूरी तरह से सफेद नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें थोड़ा पीलापन होना चाहिए।

‘चुनाव में व्यस्तता के कारण मिलावट के खिलाफ अभियान कुछ दिनों के लिए रुका हुआ था। अब टीमें गठित कर दी गई हैं। एक-दो दिन में मिलावट के खिलाफ छापेमारी शुरू कर दी जाएगी।’ सीएल यादव, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed