{"_id":"5dd1691f8ebc3e54853d3b02","slug":"preparations-for-vhp-parliament-of-religion-in-akbar-fort","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकबर के किले में विहिप की धर्मसंसद करवाने की तैयारी, डिप्टी सीएम अशोक सिंहल के सपने को करेंगे साकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकबर के किले में विहिप की धर्मसंसद करवाने की तैयारी, डिप्टी सीएम अशोक सिंहल के सपने को करेंगे साकार
Sun, 17 Nov 2019 09:07 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 17 Nov 2019 09:07 PM IST
विज्ञापन
अशोक सिंघल (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
विश्व हिंदू परिषद की माघ मेले के दौरान होने वाली धर्मसंसद इस बार संगम तट स्थित अकबर के किले में आयोजित करवाई जा सकती है। रविवार को विहिप के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे स्व. अशोक सिंहल की पुण्यतिथि पर आयोजित भावांजलि सभा में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस बात के संकेत भी दिए।
विज्ञापन
केशव मौर्य ने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के नायक अशोक सिंहल की इच्छा थी कि माघ मेले के दौरान विहिप की धर्मसंसद संगम तट स्थित किला परिसर में भी हो। उनका यह सपना भी पूरा होना चाहिए।
विज्ञापन
विहिप के प्रांत कार्यालय केसर भवन में आयोजित भावांजलि सभा में डिप्टी सीएम ने कहा कि अशोक सिंहल ने अपने जीवन काल के दौरान जो भी संकल्प लिए, वे उनके निजी संकल्प नहीं थे। वह सभी राष्ट्र हित में लिए गए संकल्प थे। चाहे इलाहाबाद और फैजाबाद का नाम क्रमश: प्रयागराज एवं अयोध्या करना हो या फिर किले में वर्षों से बंद अक्षयवट को आम लोगों के लिए खुलवाना। श्रंगवेरपुर और भारद्वाज आश्रम का विकास, द्वादश माधव आदि का भी संकल्प उन्होंने लिया था।
विज्ञापन
प्रयागराज मेला प्राधिकरण का गठन करवाने की बात उन्होंने कई वर्ष पूर्व की थी। उनकी प्रबल इच्छा थी कि प्रयागराज कुंभ मेले का प्राकृतिक स्वरूप न बदला जाए। इसी वजह से कुंभ में आज भी तंबू नगरी ही बसाई जाती है। इस बार कुंभ में उसे और भव्य रूप दिया गया। केशव ने कहा कि कांची शंकराचार्य ने प्रयागराज प्रवास के दौरान अशोक सिंहल से वेद विद्यालय खोले जाने की इच्छा जाहिर की थी। इसे स्वर्गीय सिंहल ने संकल्प के रूप में लिया और आज केसर भवन में वेद विद्यालय खुल चुका है।
इस दौरान डिप्टी सीएम ने अशोक सिंहल से जुड़े कई संस्मरण साझा किए। कहा कि नौ नवंबर 1989 के दिन तत्कालीन सरकार की अनुमति से अयोध्या में शिलान्यास कार्यक्रम था। तब स्व. सिंहल ने कामेश्वर चौपाल नाम के व्यक्ति से पहली ईंट रखवाई थी। इसी तरह 1999 में काशी के डोम राजा के घर भोजन कर उन्होंने समाज का विघटन करने वाली शक्तियों को जवाब दिया। इसके पूर्व भावांजलि सभा में डिप्टी सीएम ने भगवान राम और स्वर्गीय सिंहल के चित्र पर पुष्प भी चढ़ाए। अंत में केशव ने कहा कि उनका कोई भी संकल्प अधूरा नहीं होगा।
समय-समय पर मेरी सलाह लेते थे सिंहल : केशरीनाथ
भावांजलि सभा में पश्चिमी बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने कहा, अयोध्या आंदोलन में अशोक सिंहल का बहुत ही बड़ा योगदान था। भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते मेरी उनसे काफी वार्ता होती थी। समय-समय पर वह मेरी और मैं उनकी सलाह लिया करता थे।