{"_id":"691581ca57491936ad050fa8","slug":"prayagraj-weather-effect-of-la-nina-possibility-of-severe-cold-along-with-rain-2025-11-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj Weather : ला नीना का प्रभाव, बारिश के साथ भीषण सर्दी पड़ने के आसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj Weather : ला नीना का प्रभाव, बारिश के साथ भीषण सर्दी पड़ने के आसार
Thu, 13 Nov 2025 12:29 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 13 Nov 2025 12:29 PM IST
सार
इस बार कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है। इसकी आमद का एहसास नवंबर माह में होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार अधिक सर्दी पड़ने का कारण प्रशांत महासागर में ला नीना का प्रभाव है जिसकी वजह से इस बार अच्छी बारिश होने के साथ भीषण सर्दी पड़ने के आसार हैं।
विज्ञापन
संगम तट पर गुनगुनी धूप में नौका विहार करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इस बार कड़ाके की सर्दी पड़ने की संभावना है। इसकी आमद का एहसास नवंबर माह में होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार अधिक सर्दी पड़ने का कारण प्रशांत महासागर में ला नीना का प्रभाव है जिसकी वजह से इस बार अच्छी बारिश होने के साथ भीषण सर्दी पड़ने के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि करीब पांच साल बाद नवंबर महीने से इस प्रकार की सर्दी की शुरुआत हुई है। इससे पहले वर्ष 2020 में नवंबर माह में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा था। इसके अलावा मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस बार सर्दी लंबे समय तक रहेगी। वहीं अगले 20 दिन के भीतर कोहरा पड़ने की भी संभावना है।
विज्ञापन
क्या है ला नीना
प्रशांत महासागर में ला नीना एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर का सतही जल सामान्य से ठंडा हो जाता है। इस दौरान, व्यापारिक हवाएं मजबूत हो जाती हैं और गर्म पानी को प्रशांत महासागर के पश्चिमी भाग (एशिया और ऑस्ट्रेलिया के पास) की ओर धकेलती हैं। इसका विपरीत प्रभाव अल नीनो के विपरीत होता है।
विज्ञापन