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प्रयागराजः हर पोस्ट पर नजर, हर ट्वीट की निगरानी
Sat, 09 Nov 2019 01:30 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 09 Nov 2019 01:30 AM IST
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social media
अयोध्या मुद्दे पर शनिवार को फैसला आने की खबर के बाद जिले में भी हाईअलर्ट जारी कर दिया गया। तमाम इंतजामों के साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट्स की 24 घंटे निगरानी भी शुरू करा दी गई जिसके तहत हर पोस्ट, हर ट्वीट व एक-एक संदेशों पर नजर रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के शनिवार को आने वाले फैसले की खबर फैलते ही जिले में भी पुलिस अफसरों की सक्रियता बढ़ गई। जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस के आला अफसरों ने मातहतों संग बैठक कर भी सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। साथ ही इस संबंध में उचित दिशा निर्देश दिए। तमाम अन्य इंतजामों के साथ ही सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों की भी 24 घंटे निगरानी शुरू करा दी गई। इसके तहत सोशल मीडिया मसलन फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर व इंस्टाग्राम पर पोस्ट या भेजे जाने वाले हर संदेश पर नजर रखी जा रही है।
अफसरों ने बताया कि फेसबुक पर होने वाली हर पोस्ट, ट्विटर पर होने वाली हर ट्वीट व व्हाट्सएप पर भेजे जाने वाले हर संदेश पर नजर रखने के लिए आठ सदस्यों की सोशल मीडिया सेल को लगाया गया है। कहा गया है कि किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तुरंत अफसरों को दें। टीम पर नजर रखने के लिए इसमें एक दरोगा की भी तैनाती की गई है। साथ ही एडिशनल एसपी स्तर के अफसर को इस टीम का नोडल अफसर बनाया गया है। एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई है।
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रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश
एसएसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर अयोध्या फैसले से जुड़ी हर गतिविधि को रिकॉर्ड में रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मॉनिटरिंग में लगी टीम को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं और उसने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। जिसके तहत इस मुद्दे से जुड़े हर पोस्ट, ट्वीट या संदेश के दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक, भड़काऊ टिप्पणी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मस्थलों की बढ़ाई गई सुरक्षा
एसएसपी ने बताया कि जिले के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थानों की फोर्स को अपने-अपने क्षेत्रोें में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीओ स्तर के अधिकारियों से कहा गया है कि लगातार चक्रमण कर वह खुद संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए रखें। इसके अलावा एडिशनल एसपी स्तर के अफसरों को फोर्स की मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया गया है।
200 रिक्रूट भी लगाए गए ड्यूटी पर
अफसरों ने बताया कि अयोध्या पर प्रस्तावित फैसले को लेकर तगड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बताया कि जिला पुलिस को आरएएफ व पीएसी बल भी मिला हुआ है। इसके साथ ही एसएसबी भी मंगा ली गई है। इसके अलावा पुलिस विभाग के 200 रिक्रूटों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। पुलिस अफसरों को आरएएफ के साथ गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर हर महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा के लिए पीएसी को तैनात किया गया है। एसएसबी को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुकदमा होगा, अकाउंट भी किया जाएगा ब्लॉक
उधर अफसरों ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ न सिर्फ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बल्कि उनके अकाउंट को भी ब्लॉक कराया जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुपों पर इस तरह के संदेश करने वालों के साथ ही ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय स्तर से मॉनिटरिंग में लगी टीमों को आपत्तिजनक पोस्ट को सुरक्षित रखने का भी प्रशिक्षण दिया गया है। ताकि अप्रिय स्थिति में डिलीट किए जाने के बाद भी इन पोस्ट को देखा जा सके और इसे करने वालों पर कार्रवाई हो सके। भड़काऊ मैसेज पोस्ट करने के साथ ही इसे फॉरवर्ड व लाइक करने वाले भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
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अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के शनिवार को आने वाले फैसले की खबर फैलते ही जिले में भी पुलिस अफसरों की सक्रियता बढ़ गई। जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस के आला अफसरों ने मातहतों संग बैठक कर भी सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। साथ ही इस संबंध में उचित दिशा निर्देश दिए। तमाम अन्य इंतजामों के साथ ही सोशल मीडिया पर होने वाली गतिविधियों की भी 24 घंटे निगरानी शुरू करा दी गई। इसके तहत सोशल मीडिया मसलन फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर व इंस्टाग्राम पर पोस्ट या भेजे जाने वाले हर संदेश पर नजर रखी जा रही है।
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अफसरों ने बताया कि फेसबुक पर होने वाली हर पोस्ट, ट्विटर पर होने वाली हर ट्वीट व व्हाट्सएप पर भेजे जाने वाले हर संदेश पर नजर रखने के लिए आठ सदस्यों की सोशल मीडिया सेल को लगाया गया है। कहा गया है कि किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि की सूचना तुरंत अफसरों को दें। टीम पर नजर रखने के लिए इसमें एक दरोगा की भी तैनाती की गई है। साथ ही एडिशनल एसपी स्तर के अफसर को इस टीम का नोडल अफसर बनाया गया है। एसपी ट्रैफिक कुलदीप सिंह को यह जिम्मेदारी दी गई है।
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रिकॉर्ड रखने के भी निर्देश
एसएसपी ने बताया कि सोशल मीडिया पर अयोध्या फैसले से जुड़ी हर गतिविधि को रिकॉर्ड में रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मॉनिटरिंग में लगी टीम को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं और उसने इस पर काम भी शुरू कर दिया है। जिसके तहत इस मुद्दे से जुड़े हर पोस्ट, ट्वीट या संदेश के दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक, भड़काऊ टिप्पणी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मस्थलों की बढ़ाई गई सुरक्षा
एसएसपी ने बताया कि जिले के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी थानों की फोर्स को अपने-अपने क्षेत्रोें में लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए हैं। सीओ स्तर के अधिकारियों से कहा गया है कि लगातार चक्रमण कर वह खुद संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए रखें। इसके अलावा एडिशनल एसपी स्तर के अफसरों को फोर्स की मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया गया है।
200 रिक्रूट भी लगाए गए ड्यूटी पर
अफसरों ने बताया कि अयोध्या पर प्रस्तावित फैसले को लेकर तगड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बताया कि जिला पुलिस को आरएएफ व पीएसी बल भी मिला हुआ है। इसके साथ ही एसएसबी भी मंगा ली गई है। इसके अलावा पुलिस विभाग के 200 रिक्रूटों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। पुलिस अफसरों को आरएएफ के साथ गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। उधर हर महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा के लिए पीएसी को तैनात किया गया है। एसएसबी को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
मुकदमा होगा, अकाउंट भी किया जाएगा ब्लॉक
उधर अफसरों ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ न सिर्फ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बल्कि उनके अकाउंट को भी ब्लॉक कराया जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुपों पर इस तरह के संदेश करने वालों के साथ ही ग्रुप एडमिन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय स्तर से मॉनिटरिंग में लगी टीमों को आपत्तिजनक पोस्ट को सुरक्षित रखने का भी प्रशिक्षण दिया गया है। ताकि अप्रिय स्थिति में डिलीट किए जाने के बाद भी इन पोस्ट को देखा जा सके और इसे करने वालों पर कार्रवाई हो सके। भड़काऊ मैसेज पोस्ट करने के साथ ही इसे फॉरवर्ड व लाइक करने वाले भी कार्रवाई की जद में आएंगे।