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prayagraj violence : छह दिनों से दुकानें बंद, सैकड़ों के सामने रोजी का संकट

Wed, 15 Jun 2022 11:15 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 15 Jun 2022 11:15 PM IST
सार

अटाला में नुरूल्लाह रोड से गोल चौराहा के बीच छोटी-बड़ी 200 से अधिक दुकानें हैं। इनके अलावा पटरी तथा ठेलिया पर भी कई दुकानें लगती हैं, लेकिन छह दिनों से वहां सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां ठप हैं।

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prayagraj violence shops closed for six days
Prayagraj News : प्रयागराज में हिंसा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अटाला और करेली के सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शुक्रवार को हुए बवाल के बाद से ही बाजार बंद हैं। बुधवार को पूरे इलाके में  सन्नाटा पसरा रहा। इससे दुकानदारों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। डीएम, एसएसपी समेत अन्य अफसरों की तरफ से दुकानें खोलने की लगातार अपील की जा रही है, लेकिन व्यापारी सहमे हुए हैं। मुश्किल यह कि आगामी शुक्रवार तक यही स्थिति बने रहने की आशंका है।

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अटाला में नुरूल्लाह रोड से गोल चौराहा के बीच छोटी-बड़ी 200 से अधिक दुकानें हैं। इनके अलावा पटरी तथा ठेलिया पर भी कई दुकानें लगती हैं, लेकिन छह दिनों से वहां सभी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां ठप हैं। पूरे रास्ते की बैरिकेडिंग कर दी गई है। इससे व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है। बुड्ढा ताजिया से करेली के बीच भी कई दुकानें नहीं खुल रही हैं। दुकानदारों में दहशत है। वे अभी दुकानें खोलने के लिए तैयार नहीं हैं। इस बाबत न तो दुकानदार मुंह खोल रहे हैं और न ही स्थानीय निवासी।
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बुधवार को तीन-चार दुकानें खुलीं लेकिन वहां भी सन्नाटा पसरा रहा। ऑटो पार्ट्स के विक्रेता अशरफ का कहना था कि कोई घर से नहीं निकल रहा। आवागमन भी बंद है। ऐसे में दुकानें खोलने का कोई फायदा नहीं है। एल्यूमिनियम पार्ट्स के विक्रेता काफिल का कहना था कि कोई जोखिम भी नहीं लेना चाहता। साइकिल मरम्मत की दुकान खोलने वाले मो.अनीस ने बताया कि छह दिन हो गए, कोई कमाई नहीं हुई। बहुत मुश्किल हो गई है।

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prayagraj violence shops closed for six days
Prayagraj News : प्रयागराज में हिंसा। - फोटो : अमर उजाला।

अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर भी नजर, प्रमुख लोगाें से मिले अफसर

आगामी 17 जून को होने वाली जुमे की नमाज को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। अटाला तथा करेली के अलावा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर भी खास नजर रखी जा रही है। बुधवार को डीएम और एसएसपी ने फोर्स संग अलग-अलग इलाकों में पैदल मार्च किया। धर्म गुरुओं के अलावा आम लोगों से भी वार्ता कर सौहार्द बनाए रखने की अपील की। यह सिलसिला लगातार जारी रहने की बात कही जा रही है।


पिछले शुक्रवार को नमाज के बाद प्रयागराज समेत कई अन्य शहरों में बवाल हुआ था। इससे पहले शुक्रवार को ही कानपुर में बवाल हुआ था। इसे देखते हुए आगामी शुक्रवार के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है। अटाला तो पुलिस छावनी में तब्दील है। अन्य संवेदनशील इलाकों में भी फोर्स बढ़ा दी गई है। डीएम संजय कुमार खत्री का कहना है कि पूरी तरह से शांति कायम है। आगे भी शांति बने रहे इसके लिए सभी कदम उठाए गए हैं। धर्मगुरुओं तथा अन्य प्रमुख लोगों से संपर्क किया जा रहा है। लोगों से भी वार्ता की जा रही है।

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Prayagraj News : प्रयागराज में हिंसा। - फोटो : अमर उजाला।

फिलहाल खामोश रहेगा बुलडोजर लेकिन बना रहेगा दबाव
सूत्र बताते हैं कि बवाल वाले इलाकों में फिलहाल अभी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं होगी। प्रशासन का इस समय पूरा फोकस शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज और शांति व्यवस्था बनाए रखने पर है। ऐसे में पूरी कोशिश की जा रही है कि तनाव बढ़ने न पाए। ऐसे में ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई से भी बचने की बात कही जा रही है। हालांकि इस बीच उपद्रवियों पर दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है। आरोपियों के घरों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया लगातार जारी है। नुकसान का आकलन कर आरोपियों को नोटिस भेजने की भी तैयारी है।

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Prayagraj News : प्रयागराज में हिंसा। - फोटो : अमर उजाला।

जाति-धर्म देखकर की जा रही कार्रवाई : सपा
अटाला में बवाल तथा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आदि मुद्दों को लेकर सपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को मंडलायुक्त से मिला और 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर जाति और धर्म को देखकर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष योगेश चंद्र यादव का कहना था कि प्रदेश की हालत बदतर हो गई है।


पूर्व न्यायाधीशों को भी लोकतंत्र बचाने के लिए पत्र लिखना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष का कहना था कि  इस मामले में भी सीएए-एनआरसी का विरोध करने वालों को टारगेट किया जा रहा है, जो असांविधानिक है। उन्होंने बवाल के मुख्य आरोपी मोहम्मद जावेद की पत्नी का मकान गिराए जाने को असांविधानिक बताया तथा मुआवाजा दिए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने निर्दोष लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाते हुए आंदोलन की भी चेतावनी दी। ज्ञापन सौंपने वालों में अमरनाथ मौर्य, योगेश पाल, नाटे चौधरी, सूर्यदीप यादव सूरज, बब्बू, सुरेंद्र सिंह, त्रिभुवन आदि शामिल रहे।

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